शीघ्रपतन किसी प्रकार का रोग नहीं है, फिर भी यह आज एक बड़ी शारीरिक समस्या बन गई है । इस समस्या की वजह से आज शादी के बाद लोग खुश नहीं रह पा रहे हैं और यह समस्या सिर्फ भारत की नहीं बल्कि दूसरे देशों की भी है, हां यह ज़रुर है कि भारत में यह समस्या शारीरिक होने के साथ-साथ मानसिक भी है । आमतौlर पर यह समस्या पुरुषों में पायी जाती है, परंतु अब यह महिलाओं में भी देखने को मिल रही है ।
क्या होता है शीघ्रपतन?
सेक्स के दौरान चरम सुख पर पहुंचने से पहले ही पुरुष का स्पर्म निकल जाना ही शीघ्रपतन है ।
इसकी सबसे बड़ी वजह मानसिक कमजोरी है। जो व्यक्ति सेक्स को लेकर जितना कम जानता है, वह सेक्स के दौरान शीघ्रपतन का शिकार उतनी जल्दी होता है । अगर सेक्स की सीमा को लंबे समय तक ले जाना है,तो पुरुषों को मानसिक रुप से जागरुक और मज़बूत होना पड़ेगा । उन्हें स्वंय पर नियंत्रण करने की ज़रुरत है ।भारत के लगभग 30 से 40 प्रतिशत पुरुषों को यह समस्या है।
वैसे, यह भी सच है कि हर पुरुष अपनी जिंदगी में कभी न कभी शीघ्रपतन की समस्या से गुजरता है, क्योंकि यह कोई बीमारी नहीं बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो उम्र के साथ होती ही है ।
इलाज क्या है ?
अगर देखा जाए तो इस
शीघ्रपतन का इलाज बाहरी न होकर घरेलू है । सबसे पहले आप अपनी जीवनशैली को बदलें और अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें । भोजन में ऐसी चीजों का इस्तेमाल करें, जो आपकी इस समस्या का निदान कर सकते हैं ।
उड़द दाल की खिचड़ी
उड़द दालऔर चावल कीखिचड़ी का सेवन देसी घी के साथसुबह और शाम करें। खिचड़ी खाने के बाद एक गिलास गुनगुना मीठा दूध पी लेंऔर यही प्रक्रिया लगभग एक महीने तक जारी रखें । लेकिन यह ध्यान रखें कि आप जितना खा सकते हैं सिर्फ उतना ही खाएं ।
तरबूज
तरबूजका नमक लगाकर सेवन करें या फिर तरबूज के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें और नमक औरअदरकपाउडर मिलाएं और सेवन करें । तरबूज के अंदर फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जो सेक्स ऊर्जा यानिकामेच्छाबढ़ाने में मदद करते हैं और शीघ्रपत से भी राहत देते हैं ।
अश्वगंधा
अश्वगंधा पाउडर 5 ग्राम की मात्रा में लें और उसमें उसी बराबर मात्रा में मिश्री मिलाएंऔर गुनगुने दूध के साथ एक बार सुबह और एक बार शाम में इसका सेवन करें और ऐसा लगातर 3 महिनों तक करते रहें ।
हरा प्याज़
इस समस्या से निजात पाने के लिए हराप्याज़ सबसे बेहतर साबित हो सकता है। हरे प्याज के बीजों को पीस लें और पानी में मिलाएं और इसके बादइस मिश्रण को सुबह, दिन और रात में भोजन करने से पहले पी लें । यह प्रक्रिया आपको एक महीने तक दोहरानी है ।
अदरक-शहद का मिश्रण
जब भी रात को सोने जाएं उससे पहले एक चम्मच अदरक पीस लें और उसमें आधा चमम्चशहद मिलाएं और अब इस मिश्रण को जीब द्वारा चाटें । यह मिश्रण शरीर में गर्मी पैदा करेगा, जिससे रक्त का प्रवाह बेहतर होगा ।
भिंडी पाउडर
रात को जब सोने जाएं तो उससे पहले गुनगुने दूध में 10 ग्राम भिंडी पाउडर मिलाकर पी लें । ऐसा लगातार एक महीने तक करें ।
लहसुन
किसी भी प्रकार की सेक्स समस्या हो, लहसुन उसमें बहुत लाभकारी होता है । ठीक इसी तरह शीघ्रपतन की समस्या में भी लहसुन एक चमत्कारी विकल्प है । प्रतिदिन आपको 3 से 4 कच्चेलहसुनकी कलियों का सेवन करना है ।इसका रोज़ सेवन करने शीघ्रपतन में राहत मिलेगी ।
पार्टनर से करें बात
यह समस्या एक ऐसी समस्या है, जिससे कुंवारे और शादीशुदा, हर तरह के पुरुष परेशान रहते हैं । वैसे यह समस्या शारीरिक कम और मानसिक ज्यादा है और इसके लिए मनोविज्ञानिक स्थिति का नियंत्रित होना बेहद ज़रुरी है । वैसे यह समस्या कभी-कभी स्वंय ही सेक्स करते-करते ठीक हो जाती है । यह परेशानी बड़ी तब बन जाती है जब पुरुष इसके कारण किसी तरह की हीन भावना का शिकार हो जाते हैं और खुद को नीचा समझने लगते हैं ।
इस परेशानी का इलाज करने के लिए यौन रोग विशेषज्ञ मौजूद हैं और वह हमेशा यही सलाह देते हैं कि पुरुषों को अपने सैक्स पार्टनर से इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और इलाज के दौरान भी उसे साथ में लाना चाहिए । इसके इलाज के लिए सेक्स विशेषज्ञ पुरुष के स्वास्थ्य इतिहास और फैमिली मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानते हैं और फिर पुरुष के साथी के साथ उनकी सेक्स लाइफ के बारे में बात करते हैं। जब वह पूरी तरह केस स्टडी कर लेते हैं, तब वह पुरुष को परामर्श देते हुए आहार में बदलाव करने की सलाह देते हैं । इसी के साथ-साथ कुछ सप्लीमेंट लेने का सुझाव भी देते हैं।
जिंक
जिंक ऐसा तत्व है जो पुरुषों मेंप्रजनन क्षमताको बढ़ाने में ज़रुरी भूमिका निभाता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर साइंसेज के मुताबिक, बांझपन की समस्यासे परेशान पुरुषों के स्पर्म में जिंक की मात्रा कम थी। जिंक के सेवन सेयौन रोग में सुधारकिया जा सकता है। जिंक वाले आहार के साथ-साथ पुरुषों को जिंक सप्लीमेंट्स के तौर पर भी खाने चाहिए। जिंक पुरुष के शरीर में सीरमटेस्टोस्टेरोनके लेवल को बढ़ा देता है ।
मैग्नीशियम
पुरुषों में हेल्दी स्पर्मऔर प्रजनन की बेहतर क्षमता के लिए मैग्नीशियम तत्व बहुत ज़रुरी होता है। एशियन जर्नल ऑफ एंड्रोलॉजी की समीक्षा के अनुसार शीघ्रपतन की समस्या को कम करने के लिए शरीर में मैग्नीशियम का स्तर ठीक होना बेहद ज़रुरी है ।
कंडोम प्रयोग करें
इस समस्या से निजात पाने में
कंडोम भी मददगार साबित हो सकता है । कंडोम को इस्तेमाल करने से लिंग की सेंसटिविटी कम होती है और इसी वजह से शीध्रपतन देर से होता है, हालांकि इसके लिए आपको दूसरे प्रकार के कंडोम का प्रयोग करना पड़ेगा । इसे “क्लाइमैक्स कंट्रोल” कंडोम कहते हैं । इसके अलावा, इस समस्या के निदान के लिए आप किसी सेकसोलॉजिस्ट से संपर्क करें । वह आपको बेहतर परामर्श के साथ लिंग पर लगाने के लिए क्रीम या खाने के लिए दवाएं दे सकता है ।
FAQs
1. शीघ्रपतन क्या है और इसके प्रमुख लक्षण क्या होते हैं?
शीघ्रपतन एक संक्रामक आंतों का रोग है, जो शिगेला नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके मुख्य लक्षणों में बार-बार दस्त, पेट में ऐंठन, बुखार, उल्टी तथा मल में खून या बलगम आना शामिल है। यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो यह रोग शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में प्राथमिक देखभाल के लिए
फर्स्ट एड बॉक्स किट चार्ट में बताए गए जरूरी उपाय सहायक हो सकते हैं।
2. शीघ्रपतन का सही इलाज क्या है?
शीघ्रपतन के इलाज में सबसे पहले शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है। इसके लिए ओआरएस का सेवन कराया जाता है। गंभीर मामलों में डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएँ भी देते हैं। इस दौरान रोगी को पर्याप्त आराम और हल्का सुपाच्य भोजन लेना चाहिए। स्वास्थ्य से जुड़े अन्य विषयों की सही जानकारी, जैसे
जानिए हस्तमैथुन अच्छा है या बुरा, व्यक्ति को अपने शरीर को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है।
3. क्या शीघ्रपतन में घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं?
हल्के मामलों में साफ पानी, ओआरएस और साधारण भोजन कुछ हद तक राहत दे सकता है, लेकिन केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना उचित नहीं है। यदि लक्षण बढ़ें तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। जिस तरह यौन स्वास्थ्य में सुरक्षा के लिए डेंटल डैम (
माउथ कंडोम) की जानकारी जरूरी है, उसी तरह संक्रमण के मामलों में सही चिकित्सा सलाह अत्यंत आवश्यक होती है।
4. शीघ्रपतन से बचाव कैसे किया जा सकता है?
शीघ्रपतन से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करना, भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ धोना, साफ पानी पीना और दूषित भोजन से बचना आवश्यक है। स्वच्छता की अनदेखी कई गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है, जैसे
फाइलेरियासिस। इसलिए रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
5. क्या शीघ्रपतन में आयुर्वेदिक उपाय सहायक हो सकते हैं?
कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक मानी जाती हैं, लेकिन शीघ्रपतन जैसी संक्रामक बीमारी में इन्हें केवल सहायक रूप में ही अपनाना चाहिए। उदाहरण के लिए,
गोकहरू के फायदे शरीर की सामान्य कमजोरी दूर करने में मदद कर सकते हैं, परंतु इन्हें डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
For individuals seeking complete wellness through superior absorption, choosing a high-quality magnesium supplement can play an important role in supporting overall health and daily vitality.
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