क्या होता है आखिर एचआईवी और एड्स ?

क्या होता है आखिर एचआईवी और एड्स ?

एचआईवी (HIV ) यह नाम हम सभी ने कभी न कभी कहीं न  कहीं लिखा देखा पढ़ा है , कभी किताबों में , कभी समाचारों में इस नाम का जिक्र कहीं न कहीं रहा ही है । दुनिया में यह वै हिसरे नंबर की हिमारी है जिसका इलाज़ संभव नहीं है । यानि जो है सिर्फ रोकथाम है । एचआईवी एक जानलेवा बिंनरी है । साथ ही यह एक यौन संचारक रोग भी है । एचआईवी का पूरा नाम ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस है । लोग एचआईवी और एड्स दोनों को एक ही मानते हैं । जो की सच नहीं है । यह दोनों एक नहीं है पर हाँ एक की वजह से दूसरी बीमारी होने का कारण जरूर हैं । एड्स यानि एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम एचआईवी के कारण होता है । यह जरूरी नहीं है की जिसको एचआईवी है उसको एड्स होगा ही होगा पर यह तय है की जिसको एड्स है वह एचआईवी ग्रसित जरूर होगा । 

क्या होता है एचआईवी ? 

इम्यून सिस्टम हमारे शरीर में होने वाली बीमारियों से रक्षा करता है। एचआईवी एक वायरस है जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर अटैक करता है। यदि कोई व्यक्ति एचआईवी से संक्रमित हो जाता है तो उसका शरीर संक्रमणों और बीमारियों से नहीं लड़ पाता है। एचआईवी वायरस टी सेल्स को नष्ट कर देता है और उनके अन्दर स्वयं की प्रतिकृति बना लेता है। यदि समय रहते एचआईवी वायरस का उपचार न किया जाए तो शरीर में इंफेक्शन बढ़ने लगते हैं और ये एड्स का कारण बन सकता है।

Also read- Safe sex tips in hindi 

एड्स :- 

क्या है एड्स ? 

एचआईवी वायरस के कारण एड्स की बीमारी हो सकती है। एड्स तब होता है जब व्यक्ति का इम्यून सिस्टम इंफेक्शन से लड़ने में कमजोर पड़ जाता है। इसके अलावा जब एचआईवी वायरस का इंफेक्शन बहुत बढ़ जाता है। जिसके चलते शरीर स्वयं की रक्षा नहीं कर पाता और शरीर में कई बीमारियां, संक्रमण हो जाते हैं। अभी तक एचआईवी और एड्स का कोई इलाज उपलब्ध नहीं हो पाया है लेकिन सही उपचार से एचआईवी पीड़ित व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है।

क्या है एचआईवी और एड्स के बीच अंतर ? 

एचआईवी, (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) एक वायरस है। एचआईवी वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली की टी सेल्स पर हमला करता है। एड्स (एक्वायर्ड इम्‍यूनो-डिफिशिएंसी सिंड्रोम) एक मेडिकल सिंड्रोम है। जो एचआईवी संक्रमण के बाद सिंड्रोम के रुप में प्रकट होती है। एचआईवी एक इंसान से दूसरे इंसान को हो सकता है लेकिन एड्स नहीं हो सकता है। यदि कोई एचआईवी से संक्रमित है तो यह जरूरी नहीं कि उसे एड्स हुआ हो। हालांकि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को एड्स हो सकता है।

क्या है एचआईवी के लक्षण ? 

  • सर दर्द :- एचआईवी एड्स का अन्य लक्षण सर दर्द होना भी है। कई बार इसे तनाव या थकान के परिणाम के रूप में देखा जाता है । पर एचआईवी से ग्रसित व्यक्ति को अक्सर सर दर्द की शिकायत रहती है । 
  • बुखार :- एचआईवी ग्रसित व्यक्ति को बार बार बुखार आने की शिकायत रहती है ।
  • शरीर पर चकत्ते:-  एचआईवी एड्स का असर त्वचा पर भी पड़ता है और इसकी वजह से त्वचा के रंग में बदलाव होने के साथ-साथ उस पर दब्बे या चकत्ते इत्यादि समस्याएं भी होती हैं।
  • इसके अलावा रोगी को पेट दर्द , गले में खराश की शिकायत भी बनी ही रहती है । 

गंभीर लक्षण :- 

  • बहुत ज्यादा समय दस्त की शिकायत रहना 
  • बार बार संक्रमण होना 
  • रात को पसीने आना 
  • वजन का गिरना इत्यादि । 

कैसे होता है एचआईवी और एड्स क्या है कारण ? 

  1. यौन संचार :- अनप्रोटेकटेड सेक्स के इस बीमारी का सबसे बड़ा वाहक है । यह एक यौन संचारिक रोग है । एड्स / एचआईवी की बीमारी किसी एचआईवी ग्रसित व्यक्ति के साथ असुक्षित यौन संबंध बनाने के कारण होता है । इसके अलावा यह अलग अलग पाटनर्स के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण भी हो सकता है । 
  2. यह बीमारी रक्त के कारण ही होती है :- महिलाओं में पीरियड्स के दौरान रक्त के स्त्राव के समय इस बीमारी के होने की आशंका बहुत ज्यादा होती है । इसके अलावा यदि आपको किसी एचआईवी पॉज़िटिव व्यक्ति का खून चढ़ा दिया जाये , या उसको लगी हुई सुई आपको लगा दी जाये गलती से भी तब भी इस बीमारी का प्रसार आप में हो सकता है । 
  3. यदि आपको और किसी एचआईवी ग्रसित व्यक्ति को चोट लगी हो और आप उसके संपर्क में आ जाते हैं (पर यदि आपका भी घाव खुला हुआ है ) तब भी इस बीमारी के होने की संभावना लगभग 90 से ज्यादा प्रतिशत तक बढ़ जाएगी । 
  4. माँ का दूध :- यदि कोई महिला एचआईवी पॉज़िटिव है और वह बच्चे को फीड करवाती है यानि दूध पिलाती है तो उससे भी एचआईवी फैलता है । 

Must Read- शीघ्रपतन को रोकने के लिए दवा

किन चीजों से नहीं फैलता है एचआईवी ? 

हाथ मिलने , साथ खाना खाने , आँसू से , पसीने से , थूक से , लार से , झुठा पानी पीने से, मल मूत्र से यह बीमारी नहीं फैलती है । 

एचआईवी का इलाज़ ? 

एचआईवी का कोई इलाज़ संभव नहीं है न ही उपलबद्ध है । एचआईवी का कोई टीका नहीं बना है । ऐसे में इसकी रोकथाम ही इसका इलाज़ है । जब भी आप खून देने जाएँ या खून चढ़वाये एचआईवी का टेस्ट जरूर करवाएँ । ताकि यह फैले नहीं । यौन सम्बन्धों के दौरान प्रोटेक्शन (कोंडोम )का उपयोग अवश्य  करें  । 

ब्लड टेस्ट करवाते रहे , स्लाइवा क जांच करवाते रहे , हल्के लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से संपर्क कर एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करें और समय समय पर सलाह मशवरा करते रहें ।शरमाये और घबराए नहीं ।