ब्रेन कैंसर - Brain Cancer in Hindi

ब्रेन कैंसर - Brain Cancer in Hindi

ब्रेन का कैंसर | Brain Cancer in Hindi

मस्तिष्क में जब कैंसर की कोशिकाओं का उत्पन्न होना शुरू हो जाता है तब मस्तिष्क में कैंसर होता है यह कोशिकाएं ट्यूमर के रूप में उभरती है लेकिन सभी ट्यूमर कैंसर का रूप नहीं होते है। मस्तिष्क में कैंसर के कारण मस्तिष्क की कार्य करने की क्षमता में प्रभाव पड़ता है जैसे मस्तिष्क की कोशिकाओं में असंतुलन, यादाश्त का कमजोर होना, दर्द होना आदि।


ब्रेन कैंसर के लक्षण | Brain Cancer Symptoms in Hindi

मस्तिष्क में कैंसर के लक्षण आसानी से समझ या सामने नहीं आते है। इनके बारे में तब पता चलता है जब यह मस्तिष्क के किसी हिस्से में दबाव या कार्य करने में कैंसर या ट्यूमर बाधा डाल रहे हो। इनके सभी लक्षण निम्नलिखित है जिनके द्वारा मस्तिष्क के कैंसर को पहचाना जा सकता है।

1 ट्यूमर की समस्या होने पर सिर में दर्द और उल्टी होने लगती है क्यूंकि यह मस्तिष्क के हिस्सों पर दबाव बनाता है जिससे यह परेशानी होने लगती है

2 मस्तिष्क में ट्यूमर होने के कारण यह विभिन्न कोशिकाओं की क्षमता को प्रभावित करता है जिसके कारण बोलने में, समझने में और देखने में परेशानी होती है।

3 रात को सोने के बाद सुबह के समय सिर के हिस्से में अधिक दर्द होना और दिन आते आते यह दर्द कम होने लगता है।

4 ट्यूमर मस्तिष्क की मांसपेशियों को भी प्रभावित कर सकता है जिसके कारण कमजोरी आना, शरीर का सुन्न पड़ना आदि समस्या सामने आने लगती है।


ब्रेन कैंसर के कारण और जोखिम कारक | Brain Cancer Causes & Risk Factor in Hindi

मस्तिष्क में कैंसर होने का कारण का सटीक जानकारी या पता नहीं लग पाया है लेकिन कुछ ऐसे जोखिम कारक है जिसकी वजह से मस्तिष्क में कैंसर होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है यही सभी कारण निमिनलिखित है।

1 यदि किसी परिवार में कैंसर की बीमारी का इतिहास हो तो उनके परिवार के सदस्यों को मस्तिष्क में कैंसर होने की संभावना अधिक हो जाती है। 

2 यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक रेडिएशन या केमिकल के संपर्क में रहा हो या कार्य किया हो तो उन्हें भी मस्तिष्क में कैंसर होने की परेशानी होने लगती है।

3 किसी बच्चे का बचपन में कैंसर का उपचार या स्कैन किया गया हो या सीटी स्कैन और एमआरआई किया गया हो उनमें भी बाद में कैंसर होने की संभावना रहेती है।

4 जो व्यक्ति एड्स रोग से ग्रसीत हो उनमें भी कैंसर होने का जोखिम बना रहता है।

5 अधिक धूम्रपान करना भी कैंसर का जोखिम कारक है इसकी वजह से भी कैंसर की संभावना होती है।


ब्रेन में कैंसर दो प्रकार के होते है | Two Type of Brain Cancer


1. प्राइमरी मस्तिष्क कैंसर

यह मस्तिष्क में कैंसर का पहला प्रकार है, प्राइमरी मस्तिष्क कैंसर वह कैंसर है जिसकी शुरुआत मस्तिष्क में ही होती है। कुछ सामान्य प्राइमरी मस्तिष्क ट्यूमर जैसे ग्लियोमस, मेनिंग्गियोमास, पिट्यूटरी एडेनोमस, वेस्टीबुलर शवननोमास आदि। 


2. मेटास्टेटिक मस्तिष्क कैंसर

यह मस्तिष्क का ट्यूमर कैंसर की सैल ट्यूमर से बना होता है और यह शरीर की किसी भी हिस्से में हो सकता है। अन्य किसी ट्यूमर के सैल मस्तिष्क तक पहुंचने की प्रक्रिया को मेटास्टेटिक कहते है। 


मस्तिष्क के कैंसर की जांच

यदि किसी व्यक्ति को मस्तिष्क में कैंसर से सम्बन्धित लक्षण या परेशानी हो रही है तो वह जल्दी ही डॉक्टर की सलाह ले। डॉक्टर की सलाह पर कैंसर रोगियों की अनेक जांच की जाती है यह सभी जांच निम्नलिखित है।


1. न्यूरोलॉजिकल जांच

मतिष्क में कैंसर की वजह से मांसपेशियों और कोशिकाओं के कार्य की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है इसलिए डॉक्टर कैंसर से पीड़ित रोगी की देखने, सुनने, बोलने आदि की जांच करते है और आंखो में सूजन व नसों में दबाव की जांच करते है।


2. एमआरआई और सिटी स्कैन

मस्तिष्क में ट्यूमर को देखने के लिए या मस्तिष्क में किसी भी बदलाव को देखने के लिए डॉक्टर सीटी स्कैन और एमआरआई करते है जिससे मस्तिष्क में ट्यूमर के बारे में पता चलता है। 


3. बायोस्पी

जब व्यक्ति कैंसर रोग से पीड़ित है तो उसकी बायोस्पी की जांच की जाती है जिसमें ट्यूमर की कोशिकाओं में से उत्तक का छोटा सा हिस्सा निकाला जाता है जिससे कैंसर में बदलाव, स्टेज आदि की सटीक जानकारी प्राप्त होती है।


मस्तिष्क के कैंसर का उपचार

मस्तिष्क के कैंसर के लिए अलग अलग उपचार है लेकिन यह सभी उपचार कैंसर के प्रकार, स्टेज, आदि पर निर्भर करते है। मस्तिष्क कैंसर के उपचार निम्नलिखित है।

1. सर्जरी द्वारा उपचार

डॉक्टर की सलाह पर सभी जोखिम कारकों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर मस्तिष्क की सर्जरी करते है। यदि ट्यूमर मस्तिष्क के ऐसे हिस्से में है जिसे सर्जरी की मदद से आसानी से निकला जा सकता है तो डॉक्टर सर्जरी करके ट्यूमर को निकाल देते है जिससे कैंसर के लक्षण और संक्रमण दोनों ही कम हो जाते है। लेकिन कभी कभी ट्यूमर मस्तिष्क के ऐसे हिस्से में उत्पन्न होता है जहां ट्यूमर को निकाला नहीं जा सकता या पूरा ट्यूमर नहीं निकाला जा सकता ऐसे में डॉक्टर आधे ही ट्यूमर को निकाल पाते है जिससे कैंसर का संक्रमण कम हो जाता है।


2. रेडिएशन थेरेपी द्वारा उपचार

रेडिएशन थेरेपी की मदद से जो कोशिकाएं ट्यूमर की चपेट में आती है या ट्यूमर से ग्रसित है, उन्हें रेडिएशन द्वारा नष्ट किया जाता है। 


3. कीमोथेरेपी द्वारा उपचार

डॉक्टर द्वारा कैंसर का उपचार करने के लिए कीमोथेरेपी रोगी को दी जाती है यह गोलियां और इंजेक्शन दोनों में उपलब्ध रहती है। कीमोथेरेपी के द्वारा ट्यूमर से ग्रसित कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं जैसे कैंसर रोगी के बालो का झड़ना, कमजोर आना आदि।


4. लक्षित दवा थेरेपी द्वारा उपचार

लक्षित दवा थेरेपी इंजेक्शन के माध्यम से नसों में लगाई जाती है जिससे ट्यूमर से ग्रसित कोशिकाओं में खून का प्रवाह रुक जाता है और वह नष्ट हो जाती है।



निष्कर्ष

मस्तिष्क में कैंसर एक जटिल रोग है यदि किसी व्यक्ति को कैंसर से संबंधित लक्षण दिखाई देते है तो वह जल्द से जल्द इसके उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह ले क्यूंकि मस्तिष्क में कैंसर का संक्रमण बढ़ता रहता है जिससे मस्तिष्क के कई हिस्से प्रभावित होने लगते है और अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल | FAQ's Brain Cancer in Hindi


1. मस्तिष्क में कैंसर के क्या लक्षण होते है? 

जब किसी व्यक्ति को उल्टी या जी मिचलाता है या सिर के एक हिस्से दर्द होना, बोलने और देखने में परेशानी होना। यह सभी कैंसर के लक्षण है जिनका उपचार समय रहते कराना चाहिए।


2. मस्तिष्क ट्यूमर के कितने स्टेज होते है?

मस्तिष्क ट्यूमर के चार स्टेज होते है। पहली स्टेज में मस्तिष्क में ट्यूमर का बनना शुरू होता है और ट्यूमर की कोशिकाएं धीमी गति के साथ विकसित होने लगती है। दूसरे स्टेज में ट्यूमर की कोशिकाएं अन्य हिस्सों में भी फैलनी लगती है अगर इसका उपचार नहीं कराया तो यह घातक साबित होने लगती है। तीसरी स्टेज में ट्यूमर की कोशिकाएं तेजी से फैलने लगती है और ट्यूमर का आकार पहले से बड़ा होने लगता है। चौथी स्टेज जानलेवा साबित होती है इस स्टेज में ट्यूमर मस्तिष्क के सभी हिस्सों में फ़ैल जाता है और रोगी की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।


3. क्या सभी ट्यूमर कैंसर का रूप ले सकते है।

सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते है लेकिन कुछ ट्यूमर जिनमें कैंसर के सैल होते है वह कैंसर का रूप ले सकते है।


4. मस्तिष्क में कैंसर कैसे शुरू होता है?

ट्यूमर के मस्तिष्क में लगातार बढ़ने के कारण कैंसर होता है। जब मस्तिष्क में अनेक कोशिकाएं अनियंत्रित हो जाती है जिसे ट्यूमर कहते है।


संदंर्भ https://www.webmd.com/cancer/brain-cancer/default.htm



Dr. KK Aggarwal

Recipient of Padma Shri, Vishwa Hindi Samman, National Science Communication Award and Dr B C Roy National Award, Dr Aggarwal is a physician, cardiologist, spiritual writer and motivational speaker. He was the Past President of the Indian Medical Association and President of Heart Care Foundation of India. He was also the Editor in Chief of the IJCP Group, Medtalks and eMediNexus

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