फर्स्ट ऐड बॉक्स क्या है? सब जाने | First Aid Box Kit Chart in Hindi

जब किसी के साथ शारीरिक दुर्घटना होती है तो उस समस्या सबसे जरूरी होता है कि पीड़ित को प्राथमिक चिकित्सा देना आवश्यक होता है ताकि शारीरिक दुर्घटना से होने वाली क्षति को कम किया जा सके। किसी भी प्राथमिक चिकित्सा के लिए हमें फर्स्ट ऐड बॉक्स या किट की जरूरत होती है। फर्स्ट ऐड बॉक्स एक ऐसी किट है जिसमें आपातकालीन स्थिति में प्रयोग करने के लिए दवाएं, उपकरण और अपनी सुरक्षा करने वाला कुछ सामान होता है। इस किट की मदद से घायल हुए व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देकर उसकी जान बचाई जा सकती है। इसलिए इसे कई वर्षों से हर घर, संस्थान, कहीं यात्रा करते हुए और हर जरूरी स्थान पर रखने की सलाह दी है। 

फर्स्ट ऐड बॉक्स का इतिहास क्या है? What is the history of First Aid Box?

शुरुआत से ही प्राथमिक उपचार या फर्स्ट ऐड बॉक्स के बारे में बहुत कम जानकारी है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत घायल धार्मिक योधाओं को उपचार देने के लिए क्या गया था। मौजूदा दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार 1870 में, प्रशिया के सैन्य सर्जन फ्रेडरिक वॉन एस्मार्च ने सेना के लिए औपचारिक प्राथमिक चिकित्सा की शुरुआत की, और पहले "एर्स्ट हिल्फ़" 'प्राथमिक चिकित्सा' शब्द बनाया गया, जिसमें घायल साथियों की देखभाल के लिए फ्रेंको-प्रुशियन युद्ध में सैनिकों के लिए प्रशिक्षण शामिल था और यहीं से फर्स्ट ऐड किट या बॉक्स की शुरुआत मानी जाती है। "प्राथमिक चिकित्सा" शब्द पहली बार 1878 में "प्राथमिक उपचार" और "राष्ट्रीय चिकित्सा" के संयोजन के रूप में सामने आया था। ब्रिटेन में, नागरिक एम्बुलेंस कर्मचारियों को विशेष रूप से रेलवे, खानों और पुलिस के लिए प्रशिक्षित किया गया था। 

फर्स्ट ऐड बॉक्स का क्या महत्व है? What is the importance of first aid box? 

हमारे आसपास फर्स्ट ऐड बॉक्स का होना कितना महत्वपूर्ण है इस बारे में जानने के लिए आपको सबसे पहले इसकी फुल फॉर्म जाने लेनी चाहिए जो कि है  “प्रथम जांच राहत लक्षण उपचार व्यवस्था तत्काल निस्तारण (First Investigation Relief Symptom Treatment arrangement Immediately Disposal)।” बाकी आप फर्स्ट ऐड बॉक्स या किट से जुड़ी निम्नलिखित बातों को जान कर भी इसके महत्व को समझ सकते हैं। 

फर्स्ट ऐड बॉक्स के फायदे – 

  • किसी भी दुर्घटना के समय और चोट लगने पर फर्स्ट ऐड बॉक्स के इस्तेमाल से कई समस्याओं से बचा जा सकता है। जैसे कि – घाव में होने वाला संक्रमण। 

  • दुर्घटना कभी भी और कहीं भी हो सकती है। अगर आपके पास प्राथमिक उपचार बॉक्स है, तो आप आपातकालीन स्थिति में अपनी और दूसरों की सहायता कर सकते हैं। 

  • फर्स्ट ऐड से चोट की गंभीरता को कम किया जा सकता है। आप अपने आसपास के लोगों को हमेशा दुर्घटना से नहीं बचा सकते, लेकिन दुर्घटना होने पर फर्स्ट ऐड किट की मदद से उनकी सहायता अवश्य कर सकते हैं।

प्राथमिक चिकित्सा के सिद्धांत –

प्राथमिक चिकित्सा प्रबंधन के चार मूल सिद्धांत हैं जिसकी मदद से उपचार दिया जाता है 


जीवन की रक्षा करें – प्राथमिक चिकित्सा का पहला सिद्धांत है जीवन को संरक्षित करना है, जिसमें यह सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख आपातकालीन प्रथाएं शामिल हैं कि हताहत किसी भी नश्वर खतरे में नहीं है। हालांकि याद रखें, इसमें अपने स्वयं के जीवन को संरक्षित करना शामिल है क्योंकि प्राथमिक चिकित्सा लागू करने के लिए आपको खुद को खतरे में नहीं डालना चाहिए। यह इस स्तर पर है जहां आपको घायल व्यक्ति, स्वयं या दर्शकों के लिए खतरों की जांच करने के लिए त्वरित जोखिम मूल्यांकन करना चाहिए जिससे स्थिति बढ़ सकती है। यदि संदेह है, तो प्राथमिक चिकित्सा लागू करने का प्रयास न करें और तुरंत चिकित्सक को बुलाएं। 

स्थिति को बिगड़ने से रोकें – एक बार जब आप पहले सिद्धांत से जुड़े सभी चरणों का पालन कर लेते हैं, तो आपकी अगली प्राथमिकता घायल व्यक्ति की स्थिति को बिगड़ने से रोकना है। हताहतों की चोट को बढ़ने से रोकने के लिए, या किसी अनदेखे मुद्दे को जटिल बनाने से बचने के लिए, एक हताहत को स्थिर रखना महत्वपूर्ण है। यह आगे की चोटों को रोकने में मदद करता है, और किसी भी तात्कालिक खतरों के क्षेत्र को साफ करने से आपको ऐसा करने में मदद मिलेगी।

रिकवरी को बढ़ावा दें – अंत में, ऐसे कदम हैं जिनका आपको पालन करना चाहिए जो किसी दुर्घटना से किसी दुर्घटना से उबरने में लगने वाले समय को कम करने में मदद करेगा और स्थायी क्षति और निशान को कम करने में सहायता करेगा। 

प्रासंगिक उपचार लागू करें – किसी चिकित्सकीय पेशेवर के आने से पहले, आपको घायल व्यक्ति की स्थिति को स्थिर करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा उपचार लागू करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें – 

  • चेतना के लिए जाँच करें

  • वायुमार्ग खोलें

  • संचलन के लिए जाँच करें

  • रक्तस्राव की जाँच करें, किसी भी बड़े रक्तस्राव को नियंत्रित करें 

  • सांस लेने की जांच करें वायुमार्ग, श्वास, पुनर्जीवन का पालन करें, यदि आवश्यक हो तो सीपीआर का प्रबंध करें

स्थिति को शांत करना – प्राथमिक उपचारकर्ताओं को दबाव में शांत रहने में सक्षम होना चाहिए और घायल व्यक्ति के साथ-साथ अन्य लोगों के समग्र तनाव के स्तर को कम करने में मदद करनी चाहिए जो चिंतित हो सकते हैं। आश्वासन अधिक सहायता प्रदान कर सकता है जिसकी आप किसी आपात स्थिति में अपेक्षा कर सकते हैं और लोगों को सही निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।

फर्स्ट ऐड कि ABC क्या है? What is ABC of First Aid?

जब आप किसी आपात स्थिति का सामना करते हैं, तो प्राथमिक उपचार देते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन्हें अक्सर "प्राथमिक चिकित्सा के ABC" के रूप में जाना जाता है। फर्स्ट ऐड की ABC जानने के लिए निम्नलिखित को पढ़े :- 

A = Airway – वायुमार्ग

एक अवरुद्ध वायुमार्ग किसी व्यक्ति की सांस लेने की क्षमता में बाधा डाल सकता है। आप निम्न कार्य करके किसी के वायुमार्ग को खोलने में मदद कर सकते हैं:

  • एक हाथ व्यक्ति के माथे पर रखें।

  • धीरे से उनके सिर को पीछे झुकाएं।

  • उनके सिर को झुकाते हुए, अपने दूसरे हाथ से दो अंगुलियों का उपयोग करके ध्यान से उनकी ठुड्डी को ऊपर उठाएं।

B = Breathing –श्वास

सांस लेने से शरीर को जीवनदायिनी ऑक्सीजन मिलती है। इसलिए यह निर्धारित करना महत्वपूर्ण है कि कोई सांस ले रहा है या नहीं। यह निर्धारित करने के लिए कि क्या कोई व्यक्ति सामान्य रूप से सांस ले रहा है, यह  कदम उठाएं:

  1. व्यक्ति के शरीर को नीचे की ओर देखते हुए अपना कान सीधे उसके मुंह के ऊपर रखें।

  2. सांस लेने के निम्नलिखित लक्षणों की जाँच करें:

  • उनकी सांसों की आवाज

  • आपके गाल पर उनकी सांसों का अहसास

  • उनकी छाती ऊपर और नीचे चलती है

  1. इसे 10 सेकंड से अधिक न करें।

आप किसी ऐसे व्यक्ति पर बचाव श्वास कर सकते हैं जो सांस नहीं ले रहा है। यह आपको दूसरे व्यक्ति के लिए अस्थायी रूप से सांस लेने में मदद करता है। कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) के दौरान छाती को संकुचित करने के साथ-साथ बचाव की सांसें दी जाती हैं।

C = Circulation/Compression – परिसंचरण/संपीड़न

जबकि श्वास रक्त को ऑक्सीजन से समृद्ध करता है, यह हृदय की धड़कन है जो इस ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुँचाती है। जब अंगों और ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है, तो 3VH मरना शुरू कर सकते हैं। यदि आप पाते हैं कि कोई व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है, तो शरीर में रक्त परिसंचरण को बहाल करने के लिए छाती को संकुचित करना महत्वपूर्ण है।

क्या सीपीआर फर्स्ट ऐड का हिस्सा है? Is CPR Part of First Aid?

जी हाँ सीपीआर फर्स्ट ऐड का ही एक हिस्सा है। अगर आप फर्स्ट ऐड की ABC के बारे में जानते हैं तो आप अच्छे से इस बारे में समझ सकतें हैं। 

सीपीआर इमरजेंसी की हालत में इस्तेमाल की जाने वाली एक मेडिकल थैरेपी की तरह है, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर का पूरा नाम फुल फॉर्म “कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन” (Cardiopulmonary resuscitation) है। इससे कार्डियक अरेस्ट और सांस न ले पाने जैसी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो कई बार किसी व्यक्ति की अचानक सांस रुक जाती है या फिर कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में किसी को सांस नहीं आता है तो सीपीआर दिया जाता है, जिसकी वजह से लोगों की जान बचाई जा सकती है। एक तरह से सीपीआर में बेहोश व्यक्ति को सांसें दी जाती हैं, जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है। साथ ही इससे शरीर में पहले से मौजूद ऑक्सीजन वाला खून संचारित होता रहता है।

सीपीआर कोई दवा या इंजेक्शन नहीं है। यह एक तरह की प्रक्रिया है, जिसे मरीज के शरीर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति की सांस रुक जाने पर सांस वापस लाने तक या दिल की धड़कन सामान्य हो जाने तक छाती को दबाया जाता है, जिससे शरीर में पहले से मौजूद वाला खून संचारित होने लगता है। साथ ही इस प्रक्रिया में मरीज के मुंह में मुंह से सांस भी दी जाती है। सीपीआर देने का खास तरीका होता है, जिससे कई लोगों को बचाया गया है और कई लोगों को बचाया जा सकता है। कई बार दुर्घटना की स्थिति में मुंह पर चोट लग जाती है तो मुंह से सांस नहीं दी जा सकती, ऐसी स्थिति में नाक से भी सांस दी जाती है। हालांकि, इससे लिए पता होना आवश्यक है कि व्यक्ति को सीपीआर की आवश्यकता है या नहीं। अगर आप इसकी पहली ट्रेनिंग ले चुके हैं तो ही इसका इस्तेमाल करें। 

फर्स्ट ऐड किट में क्या-क्या सामान होना चाहिए? What items should be in a first aid kit?

जब भी आप फर्स्ट ऐड किट तैयार करें तो आप सुनिश्चित करें कि आप बॉक्स में निम्नलिखित चीजों को शामिल करना चाहिए :- 

थर्मामीटर – अगर शरीर का तापमान बढ़ जाए तो इसके लिए थर्मामीटर का होना बेहद जरूरी है, जिससे पता लगाया जा सके कि आपको बुखार है या नहीं। ऐसे में इसे फर्स्ट एड किट में जरूर रखें।

एंटीसेप्टिक क्रीम – छोटी-मोटी चोट या कटी जगह पर सफेज पट्टी की जगह एंटीसेप्टिक क्रीम लगाकर घाव को भरा जा सकता है। ऐसे में फर्स्ट एड किट में इसका होना भी जरूरी है। 

पेनकिलर दवाएं – अगर घर में सबसे जरूरी किसी दवा की जरूरत होती है तो वो है दर्दनिवारक दवाएं। फिर वह चाहे सिर दर्द, पेट दर्द, ज्‍वाइंट पेन की दवा हो या सूजन आदि के दौरान लिए जाने की। ऐसे में आप डॉक्‍टर की सलाह पर कुछ दवाओं को अपने बॉक्‍स में एमरजंसी दवाओं के रूप में रख सकते हैं। 

बैंडेज – घर पर काम के दौरान चोट आना एक आम बात है। ऐसे में घाव को खुला रखने से इन्फेक्शन्स की संभावना होती है। इसलिए घर में बैंडज का होना बहुत ही जरूरी  है। इसके अलावा कॉटन और पट्टी को भी जरूर इसमें रखें।

गैस या बदहजमी की दवा – कई बार बासी खाना या बाहर का खाना खाने से पेट दर्द, मरोड़, कब्ज, गैस, बदहजमी जैसी कई समस्‍याएं आती हैं ऐस में राहत के लिए एंटासिड, पुदीनहरा, डाइजिन आदि दवाओं को रखें। ये पेट की समस्याओं से तत्काल छुटकारा दिलाने के काम आ सकती है।

इलेक्ट्रॉल और ग्‍लूकोज – गर्मी और बारिश के मौसम में अक्सर शरीर में नमक व मिनरल्स की कमी हो जाती है और डीहाइड्रेशन का अनुभव होता है। ऐसा होने पर तुरंत ग्‍लास में इलेक्ट्रॉल का घोल पीना बहुत ही फायदेमंद होता है। ग्‍लूकोज के सेवन से आप दुबारा से तरोताजा हो जाते हैं।

मास्क – अपनी फर्स्ट एड बॉक्स में मास्क एन-95 और एन-99 को रखें। ये काफी प्रभावी मास्क में से एक हैं। ऐसे में इनके माध्यम से जहरीली हवा, बढ़ते प्रदूषण आदि को रोक पाएंगे।

स्प्रे, बाम या दर्द निवारक जेल – बता दें कि पीठ में दर्द, मांसपेशियों में मोच या हाथ पैरों में अकड़न के लिए आप बाम, जेल या स्प्र से तुरंत आराम पा सकते हैं। ऐसे में इन तीनों चीजों का फर्स्ट एड किट में होना बेहद जरूरी है।

मॉस्किटो स्प्रे – बता दें कि चिकनगुनिया, मलेरिया, डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियां मच्छरों के काटने से होती हैं। ऐसे में मच्छरों के काटने के बाद खुजली आदि से बचने के लिए और गंभीर बीमारी को रोकने के लिए आप क्रीम, स्प्रे को मॉस्किटो स्प्रे में रखें। 

रूई यानि कॉटन बॉल –  चोट लगने या शरीर के किसी भी अंग से खून निकलने पर साफ करने के लिए रूई का उपयोग किया जाता है। ऐसे में आपके फर्स्ट एड बॉक्स में रुई का होना भी बेहद जरूरी है।

ब्‍लडप्रेशर मशीन और ऑक्‍सीमीटर – घर में अगर बुजुर्ग है तो आपको ब्‍लड प्रेशर मापते की मशीन जरूर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कोरोना महामारी के दौरान घर घर में ऑक्‍सीमीटर का होना भी जरूरी है।

एंटी एलर्जिक दवाएं – त्वचा पर होने वाली खुजली व चकत्तों से राहत पाने के लिए एंटी एलर्जिक दवाएं, एंटी फगल क्रीम, एलोवेरा जेल और बर्न क्रीम रखना भी ज़रूरी है। कटने, छिलने आदि में उपचार के लिए सोफरामाइसीन जैसे एंटी बैक्टीरियल या एंटीबॉयोटिक ऑइंटमेंट रखें।

इन चीजों को भी जरूर रखें – कैंची, आइस बैग, हीटिंग बैग, रूई, बड्स, पिन, सेफ्टीपिन आदि भी फर्स्‍ट एड बॉक्‍स में जरूर रखें।

क्या फर्स्ट ऐड बॉक्स कई प्रकार का होता है? What are the different types of First Aid Box?

जी हाँ, फर्स्ट ऐड बॉक्स कई प्रकार का होता है। मुख्य तौर पर इसके चार प्रकार होते हैं जो कि निम्न वर्णित हैं :- 

घर के लिए फर्स्ट ऐड बॉक्स :- 

घर में इस्तेमाल किये जाना फर्स्ट ऐड बॉक्स आमतौर पर घर पर मामूली चोटों या दर्दों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता हैं। इस बॉक्स में आप निम्नलिखित चीज़े शामिल कर सकते हैं :- 

  1. मोच (Sprains)

  2. कट लग जाने का

  3. खरोंच

  4. थकान या तनाव

  5. घाव

  6. दास्तानें

  7. कीड़े के काटने या डंक मारने पर इलाज किये जाने के लिए चीज़े। 

  8. जली हुई त्वचा का इलाज करने के लिए जरूरी चीज़े।

  9. हर साइज की चिपकने वाली बैंडेज

  10. त्वचा पर लगाने वाली एंटीहिस्टामिन (Antihistamine) 

  11. सामन्य घावों पर लगाने के लिए एंटीबायोटिक क्रीम 

  12. घावों और जले हुए भागों को कवर करने के लिए न चिपकने वाली पट्टियां

  13. सीपीआर (CPR) देने के लिए मास्क 

  14. बड़ी और छोटी सेफ्टी पिंस 

सफर के लिए फर्स्ट ऐड बॉक्स :-

  1. चिपकने वाली टेप

  2. लाइटर

  3. खांसी की दवाएं

  4. दास्ताने

  5. छोटी टॉर्च

  6. घावों को कवर करने के लिए 4x4 की पट्टियां

  7. बदहजमी के लिए एंटासिड (Antacid) दवाएं

  8. आइबुप्रोफेन या नप्रोसीन 

  9. छोटा चाकू

  10. ज़ुकाम या एलर्जी से नाक बंद होने के लिए नाक वाले स्प्रे

  11. अपने आप न चिपकने वाली पट्टियां

  12. एंटीबायोटिक क्रीम

  13. नाक बंद की समस्या के लिए खाने वाली दवाएं

  14. सीपीआर (CPR) देने के लिए मास्क 

  15. बड़ी और छोटी सेफ्टी पिंस

  16. दस्त की दवा

  17. एंटीहिस्टामिन क्रीम (Antihistamine cream)

  18. घावों और हाथ को धोने के लिए एंटीसेप्टिक (Antiseptic) साबुन

  19. हलके दर्द और हार्ट अटैक के लिए एस्पिरिन (Aspirin)

  20. हर साइज की बैंडेज (Bandage)

  21. खाने वाली एंटीहिस्टामिन दवाएं

  22. वस्तुओं को विसंक्रमित (Sterile) करने और आग जलाने के लिए

स्कूल के लिए फर्स्ट ऐड बॉक्स :-

  1. अलग-अलग साइज़ की पट्टियां 

  2. गरम पट्टियां

  3. दस्ताने

  4. एंटीसेप्टिक कपडा या वाइप्स (Wipes)

  5. एंटीबायोटिक क्रीम (Antibiotic cream)

  6. कपडे पर लगाने वाली टेप

  7. दबाव बनाने वाली बैंडेज

  8. आंख पर लगाने वाले पैड

  9. इंजेक्शन देने से पहले त्वचा को साफ करने वाले अल्कोहल पैड

  10. कीड़ों के काटने पर उपयोग किए जाने वाले पैड

  11. हैंड सैनिटाइजर (Hand Sanitizer)

  12. रक्तस्त्राव को रोकने के लिए ड्रेसिंग या पट्टियां

  13. एक कम्बल – आग स्थिति के लिए 

  14. एल्युमीनियम स्पलिंट 

  15. तिकोनी बैंडेज

  16. होश में लाने वाली दवाएं

  17. आइस पैक (Ice pack)

  18. पट्टी को काटने वाली कैंची

  19. छोटी बैंडेज

  20. चिपकने वाली टेप

  21. सीपीआर रीससीटेटर (CPR Resuscitator)


    इन सभी के अलावा और भी कई चीजों को फर्स्ट ऐड बॉक्स में शामिल किया जा सकता है, जिसके लिए आप किसी डॉक्टर से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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