मॉर्डना वैक्सीन अपडेट

मॉर्डना वैक्सीन अपडेट

वैक्सीन की हालिया कमी के कारण सरकार ने मॉडेर्ना और फ़ाइज़र से कोविड वैक्सीन का भारत में सप्लाई की बात-चित की है। मॉडेर्ना का कहना है अभी इतना वैक्सीन शॉट नहीं है की भारत को वैक्सीन सप्लाई किया जा सके, क्योंकि मॉडेर्ना पहले ही दूसरे बड़े देशो आर्डर ले चूका है, अप्रैल में एक रिपोर्ट के अनुसार मॉडेर्ना 1000 मिलियन खुराक के पहले ही आर्डर ले चूका है अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, कनाडा, जापान, साउथ कोरिया, स्विट्ज़रलैंड, इजराइल, जैसे देशो का।

अब मॉडेर्ना अपने उत्पादन को बढ़ाने की प्लानिंग कर रहा और सिंगल डोज़ वैक्सीन को 2022 तक भारत में लॉन्च करेगा। 

मॉडर्ना स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ एक mRNA-1273 टाइप का वैक्सीन है, जिसे मॉडर्न और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इनफेक्शियस डिजीज द्वारा विकसित किया गया है।
  
इस वैक्सीन की प्रभाविता दर 92 है पहले डोज़ के बाद और दूसरे डोज़ के बाद ये दो सप्ताह लेता है पूरा इम्युनिटी बॉडी में बनाने का तब इसकी प्रभाविता दर 94.1 फीसदी होती है। 

अगर बात भारत की करे तो मॉडेर्ना वैक्सीन इस साल वैक्सीन के खुराक के कमी के कारण भारत में सप्लाई नहीं सकेगी पर दूसरे देशों में इसका सप्लाई हो रहा जैसे की मॉडेर्ना ने कंफर्म किया की मध्य जून तक 2 मिलियन कोविद वैक्सीन की खुराक कनाडा भेजी जाएगी। यहाँ अगले साल से मॉडेर्ना की सिंगल डोज़ वैक्सीन को उत्पादन होगा। 

हाल ही में मॉडेर्ना ने पंजाब को सीधे टिका देने से मना कर दिया, उनका कहना है की ये उनके नीति के खिलाफ है। वो टिका की सप्लाई केंद्र सरकार से बातचीत पर ही करेंगे। 

अमेरिका के फ़ाइज़र और मॉडेर्ना ब्रांड के कोविद इंजेक्शन की दोनों खुराक लेने वालो में कोरोना से संक्रमित होने का खतरा 94 फीसदी तक कम हो जाता है, यानी संक्रमित का जोखिम सिर्फ 6 फीसदी रह जाता है। यह दावा रियल वर्ल्ड पर आधारित अबतक की सबसे बड़े अध्ययन में किया गया है। 

इस वैक्सीन को किसे नहीं लेना चाहिए - :

  • अगर आपको कोई सीवियर एलर्जी है तो ये वैक्सीन नहीं लेना चाहिए, चाहे मॉडेर्ना के पहले खुराक लेने के बाद कोई रिएक्शन न भी हुआ हो। 
  • अगर तुरंत एलर्जिक रिएक्शन होता है चार घंटे के अंदर जैसे सूजन, रेस्पिरेटरी सिस्टम में कोई दिक्कत महसूस हो। 
  • प्रेगनेंट औरते अपने डॉक्टर से सलाह ले ले, पूर्ण रूप से जानकारी होनी चाहिए जो महिला माँ बनाने वाली हो।   

अभी तक तो इसके कोई गंभीर साइड इफ़ेक्ट देखने को नहीं मिले, लेकिन हल्का सा साइड इफ़ेक्ट हो सकता खुराक लेने के बाद जैसे इंजेक्शन साइट पर दर्द, लाल हो जाना, या सूजन और शरीर में थकान, सर दर्द, बुखार, घबराहट; ये साइड इफ़ेक्ट एक या दो दिन में शुरू हो सकता है, या फिर दूसरी वैक्सीन के खुराक के बाद हो लेकिन कुछ दिन में ठीक भी हो जाएगा इसलिए घबराने ज़रूरत नहीं है, ज्यादा दिक्कत महसूस होने पर अपने डॉक्टर को संपर्क करे।      

ब्रिटिश कोलम्बिया में मॉडेर्ना के बेहतर परिणाम के बाद वहाँ के हेल्थ ऑफिसर डॉ. बोनी हेनरी और स्वास्थ्य मंत्री एड्रिएन डिक्स ने सलाह दिया की मॉडेर्ना वैक्सीन के बीच की समय अंतराल को 16 सप्ताह से कम करके 8 सप्ताह कर देना चाहिए। और हर किसी को गर्मी तक दूसरी खुराक मिल जाने चाहिए।