मॉर्डना वैक्सीन अपडेट

मॉर्डना वैक्सीन अपडेट

कोविड -19 के खिलाफ वैक्सीन की दौड़ में भारत भी दुनिया के किसी देश से पीछे नहीं है । इस समय पूरा विश्व कोविड -19 के लिए एक प्रभावशाली और सुरक्षित वैक्सीन बनाने की में लगा हुआ है । हर किसी की यह कोशिश है कि कम से कम समय में कोरोना वायरस के लिए एक बेहतर वैक्सीन तैयार हो जाए ।   
ताज़ा अपडेट    

मॉडर्न वाककिने अपडेट :- इकोनोमिक टाइम्स के अनुसार :- टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स ने भारत में अपने COVID-19 वैक्सीन को लॉन्च करने की साझेदारी के लिए मॉडर्ना inc के साथ प्रारंभिक चर्चा शुरू की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा भारत के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के साथ मिलकर भारत में मॉडर्न के वैक्सीन उम्मीदवार के नैदानिक परीक्षणों को अंजाम दे सकता है। भारत सरकार ने इस महीने में भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड और राज्य द्वारा संचालित इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा विकसित एक COVID-19 वैक्सीन के लिए आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी, और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका पीएलसी से लाइसेंस प्राप्त किया जो कि भारत के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित किया जा रहा है। 

मॉडर्ना शरीर में वायरल प्रोटीन का उत्पादन करने के लिए मैसेंजर आरएनए (एमआरएनए) पर आधारित वैक्सीन विकसित करता है।इसे अभी तक एक बाजार में नहीं लाया गया है। जनवरी में, उन्होंने कोरोनावायरस के लिए एक वैक्सीनबनानी करना शुरू की थी।इसे जब टिश्यू में इंजेक्ट किया जाता है, तो वैक्सीनस्पाइक प्रोटीन बनेने का कारण बनती है और जब यह शरीर में डाली जाती हैं तोइम्यूनिटीको बढ़ाती है ।16 नवंबर को, मॉडर्ना ने घोषणा की कि परीक्षण के प्रारंभिक विश्लेषण ने संकेत दिया कि वैक्सीन 94.5 प्रतिशत असरदार है ।
मॉर्डना 21 दिसंबर से जनता को वैक्सीन का टीका लगाना शुरू करने वाली दूसरी कंपनी बन गई है और 3,700 से अधिक साइटों पर वैक्सीन पहले से ही वितरित की जा रही है । अगले साल तक मॉर्डना को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है । कोविड -19 को रोकने में मॉडर्ना का टीका लगभग 95 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है और इस बात के पुख्ता सबूत दिए गए हैं कि यह संक्रमण के गंभीर मामलों को रोक सकता है । 

मॉडर्ना की हालिया अपडेट 
लंदन में कोरोना का नया स्ट्रेन देखने को मिला है । ऐसे में कंपनी ने कहा कि वह किसी भी स्ट्रेन के खिलाफ अपनी वैक्सीन के असर की पुष्टि करने के लिए टेस्टिंग करने की योजना बना रही है। मॉडर्ना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिटिश सरकार कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की वजह से कड़े प्रतिबंधों को लागू करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही कंपनी का यह कहना है की वह इसकी एडिशनल टेस्टिंग भी करेगी । हालांकि इसको अमेरिका में इमरजेंसी मंजूरी मिल गई है । और यह उम्मीद  की जा रही है की यह ब्रिटेन के नए स्ट्रेन पर भी असर कारक होगी । 
फाइजर की तरह मॉडर्ना की वैक्‍सीन को भी बेहद कम तापमान पर स्‍टोर करके रखना पड़ता है। यह mRNA तकनीक पर आधारित वैक्‍सीन है । यह 94.5% तक असरदार पाई गई है। मॉडर्ना ने अपनी वैक्‍सीन की कीमत 32 से 37 डॉलर प्रति डोज रखने की बात कही है। बड़े ऑर्डर्स पर यह कीमत और नीचे जा सकती है। फिर भी मध्‍य और कम आय वाले देशों के लिए यह वैक्‍सीन अफोर्ड कर पाना बेहद मुश्किल होगा।

Mr. Girish Pandey

हिंदी और साहित्य विषयों में रुचि, इसके अतिरिक्त लेखन कार्य में सक्रिय और लगातार सीखने का इच्छुक । हिंदी कविता, लेख के अलावा ऊर्दू शायरी लिखने और पढ़ने का शौक । स्वास्थ्य संबंधी विषयों में रुचि विशेषकर आयुर्वेदा और नैचरोपैथी ।

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