‘कोवाक्सिन’ भी नहीं है पीछे

‘कोवाक्सिन’ भी नहीं है पीछे

 भारत की कोवैक्सीन ने किया कमाल भारत नहीं रहा पीछे 

पूरा विश्व कोविड -19 के लिए एक प्रभावशाली और सुरक्षित वैक्सीन बनाने में लगा हुआ है । भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने 29 नवंबर को कोविड वैक्सीन टेस्ट को लेकर एक बयान जारी किया, जिसमें यह कहा गया कि एक व्यक्ति टेस्ट के दौरान गंभीर रुप से बीमार पड़ गया परंतु कहा गया कि वैक्सीन टेस्ट का मेडिकल हालत के बीच कोई संबंध नहीं है ।अमेरिका ने भी इसको इमरजेंसी वैक्सीन की मंजूरी दे दी है ।

क्या है अपडेट ?
कोरोना वैक्सीन के मामले में भारत ने हर जगह बोल बाला बनाया हुआ है। भारत की कोवैक्सीन और कोविशील्ड की हर तरफ जमकर तारीफ की जा रही है । अब तक भारत में 10,43,534 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है । इसमे गत दो दिनों में 2 लाख 37 हजार लोगों को वैक्सिंम लगी है । हर राज्य में जैसे हिमाचल , बिहार , असम , यूपी में करीब 15000 से 16000 लोगों तक वैक्सीनेशन किया जा चुका है । वैक्सीनेशन हफ्ते में 4 दिन किया जा रहा है । सोम , मंगल , बुध और शनिवार को । 

अभी तक कोरोना वैक्सीन के भारतीय वैक्सीन पर कोई भी ऐसा गंभीर मामला सामने नहीं आया है । कुछ एलर्जी के मामलों को छोड़ कर अभी तक 6 मौत की बात सामने आई है जिसमे यह बात निश्चित तौर पर नहीं काही जा सकती है की यह वैक्सीन के कारण ही हुई है  । खुशी की बात यह है की इस वैक्सीन के जरिये भारत पूरी दुनिया के लिए जीवनदान का साधन बन गया है । भारत ने कई देश जैसे मालदीव , मोरिशीज़ , नेपाल ,भूटान  , बांग्लादेश को फ्री कोरोना वैक्सीन भेजी है । 

भारत कोरोना की जंग को हारने में जरा भी पीछे नहीं रहा है । कोरोना को हारने के लिए यह पहला ऐसा देश है जिसकी वैक्सीन को मंजूरी तो मिली ही है । साथ ही इसका ड्राय रन होने के बाद यह देश भर में वैक्सीनेशन के लिए तैयार भी है । भारत की कोवैक्सीन तैयार हो चुकी है और इसको इमरजेंसी मंजूरी भी मिल चुकी है । लगभग 60 % वैक्सीन का काम खत्म हो चुका है । इतना ही नहीं बड़े बड़े महानगरों में ड्राय रन का फेस भी पूरा हो चुका है । 
16 जनवरी को भारत के अलग अलग शहरों में वैक्सीनेशन का कम भी शुरू हो जाएगा । सरकार का लक्ष्य जुलाई 2021 तक 30 करोड़ लोगों को कोविड वैक्सीन देने का है और इसे विश्व का 'सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान' भी कहा जा रहा है। 
भारत के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने हाल ही में कहा था कि दवा नियामक से आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी (ईयूए) मिलने के 10 दिन के भीतर ही सरकार टीकाकरण शुरू करना चाहती है। 

भारत में वैक्सीन ट्रायल के दौरान 10 दिन में एक वोलेंटियर की मृत्यु हो जाने की खबर सामने आई थी । पर कंपनी का कहना है की ट्रायल के बाद 7 दिन तक उसके हाल चाल का जायजा लिया गया था । उसकी मृत्यु का वैक्सीन से कोई लेना देना नहीं है । 

कितने में मिलेगी वैक्सीन ? 

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन कोवीशील्ड (Oxford University and AstraZeneca Covid Vaccine Covishield) के एक डोज का दाम भारत में 210 रुपये होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस कीमत में माल एवं सेवा कर (GST) भी शामिल है। हालांकि, केंद्र सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि प्राथमिकता सूची के लोगों को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने कोवीशील्ड के लिए सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) को 1.10 करोड़ वैक्सीन का ऑर्डर दे दिया है।


Mr. Girish Pandey

हिंदी और साहित्य विषयों में रुचि, इसके अतिरिक्त लेखन कार्य में सक्रिय और लगातार सीखने का इच्छुक । हिंदी कविता, लेख के अलावा ऊर्दू शायरी लिखने और पढ़ने का शौक । स्वास्थ्य संबंधी विषयों में रुचि विशेषकर आयुर्वेदा और नैचरोपैथी ।

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