यौन दर्द
लगभग 20 प्रतिशत महिला योनि दर्द से गुजरती है उन्हें यह योनि दर्द फोरप्ले और इंटरकोर्स के कारण होता है। यह दर्द लंबे समय तक हो सकता है और कई कारणों से उत्पन्न हो सकता है जैसे दवाइयों की प्रतिक्रिया, यौन संचारित रोग, नसो का नष्ट होना, संक्रमण आदि। महिलाओं को सेक्स के समय होने वाले दर्द को डेस्परेयुनिया कहा जाता है।
यौन संबंध के दौरान कई कारणों की वजह से दर्द होने लगता है यह सभी कारण निम्नलिखित है।
1. उत्तेजना का खराब होना
महिलाओं के उत्तेजित होने पर लेबिया, क्लिटरिस, योनि में सूजन और प्राकृतिक लुब्रिकेंट्स का योनि में बनना आदि यही सब महिलाओं को इंटरकोर्स के दौरान होने वाले दर्द से बचाती है। इन सभी प्राकृतिक मैकेनिज्म के ना होने के कारण योनि उत्तक में सूखापन और नाजुक हो सकता है जिसके कारण असहज घर्षण हो सकता है।
2. प्राकृतिक लुब्रिकेंट्स का योनि में ना बनना
लुब्रिकेंट्स प्राकृतिक तरल पदार्थ जैसा होता है जो इंटरकोर्स के दौरान योनि में बनता है। लुब्रिकेंट्स के ना बनने व कम मात्रा में बनने के कारण सेक्स में परेशानी आती है जिससे कारण दर्द की स्थिति उत्पन्न होती है। लुब्रिकेंट्स के ना बनने का कारण तनाव व परेशानी हो सकती है।
3.यौन संचारित रोग के कारण दर्द
यौन संचारित रोग एक से दूसरे तक जल्दी से फ़ैल सकता है। यदि यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द का अनुभव महसूस होता है तो इसका कारण यौन संचारित रोग का संक्रमण भी हो सकता है जिसकी वजह से दर्द होने लगता है।
4.स्ट्रीप्ड युट्रेस की परेशानी
स्ट्रिप्ड युत्रेस युट्रेस की परेशानी तब होती है जब युट्रेस की स्थिति में बदलाव आता है जैसे युट्रेस का उल्टा होना या पलटना जिसके कारण महिलाओं को इंटरकोर्स के समय दर्द होना शुरू हो जाता है। यदि महिलाओं को इस प्रकार की परेशानी है तो डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक होता है।
5.एस्ट्रोजन हार्मोन का कम होना
यदि एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने लगता है तक महिलाओं के योनि उत्तक में बदलाव आने लगता है और योनि उत्तक पतले हो जाते है व प्राकृतिक लुब्रिकेंट्स की मात्रा भी कम होने लगती है।
6.मांसपेशियों का लचीला ना होना
तनाव व थकान के कारण मांसपेशियां रिलैक्स महसूस नहीं कर पाती है और वह लचीली नहीं हो पाती है। यौन संबंध के दौरान योनि की मांसपेशियों के लचीली ना होने के कारण महिलाओं को दर्द होने लगता है। तनाव व थकान को दूर करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर दवाओं का सेवन करे |
7.मासिक धर्म के दौरान यौन संबंध
महिलाओं के मासिक धर्म के समय में सेक्स करने पर दर्द होता है इसीलिए जब महिलाओं को मासिक धर्म हो तो वह सेक्स करने से बचें।
8. संक्रमण के कारण दर्द
योनि के आसपास संक्रमण होने के कारण भी दर्द का अनुभव महसूस हो सकता है। योनि के आस पास के संक्रमण को वुलवर वेस्टीबुलिटिस भी कहते है।
9. वेजीनिस्मस मानसिक विकार
वेजीनिस्मस एक मानसिक विकार है जिसके कारण महिला के अन्तर्गत यौन संबंध बनाने के लिए डर पैदा हो जाता है। यदि इस दौरान इंटरकोर्स किया जाता है तो मांसपेशियां टाईट हो जाती है जिसके कारण महिलाओं को अधिक दर्द होने लगता है। मांसपेशियों के लचीले होने के कारण दर्द कम या नहीं होता है।
यौन दर्द का निदान
डॉक्टर द्वारा यौन दर्द का निदान संभव है डॉक्टर दर्द के कारणो, हिस्सों आदि के बारे में पूछेंगे और जांच करेंगे।
पेल्विक जांच
डॉक्टर की सलाह पर पेल्विक जांच की जाती है जिसमें डॉक्टर संक्रमण की जांच करते है और एक उपकरण को योनि के अंदर डाला जाता है। साथ ही जिन हिस्सों में दर्द होता है वहां डॉक्टर जननांगों और पेल्विक मांसपेशियों को हल्के से दबाकर दर्द की सटीक जानकारी प्राप्त करते है।
1. हल्के गर्म पानी की सिकाई
यौन सम्बन्ध के बाद दर्द को ठीक करने के लिए गर्म पानी से नहाना और सिकाई करने से यौन दर्द बिना दवाई के भी ठीक हो जाता है। हल्के गर्म पानी से नहाने पर आराम मिलता है और यौन संबंध कें दौरान और यौन संबंध के बाद जिन हिस्सों में दर्द हो रहा है वहां हल्के गर्म पानी की सिकाई करने से आराम मिलता है।
2. डिसेंसिटाइजेशन थैरेपी
डिसेंसिटाइजेशन थैरेपी के उपचार में महिलाओं को कुछ गतिविधि की सलाह दी जाएगी और गतिविधि सिखाई जाएगी जिससे महिला की योनि में आराम मिलने लगेगा। यौन संबंध के दौरान दर्द होने पर डॉक्टर द्वारा पेल्विक फ्लोर के व्यायाम जैसे किगल गतिविधि आदि की सलाह देंगे जिससे यह दर्द कम होने लगेगा।
3.सेक्स थेरेपी
यदि व्यक्ति यौन संबंध के दर्द इंटीमेसी से परहेज करता है तो इंटीमेसी में सुधार लाने के लिए सेक्स थेरेपिस्ट की सलाह लेना जरूरी है यह इन सभी परेशानियों को दूर करने में मदद करते है।
निष्कर्ष
यौन सम्बन्ध के दौरान दर्द का होना सामान्य है लेकिन यह दर्द किसी कारणों की वजह से हो रहा है जैसे यौन संचारित रोग और स्ट्रिपड युट्रेस आदि तो डॉक्टरों की सलाह लेना जरूरी है। दर्द को कम करने के लिए कुछ उपाय व जागरूकता भी मददगार साबित होती है जैसे मासिक धर्म के दौरान यौन सम्बन्ध ना बनाना और तनाव व थकान को दूर करना और इस समय यौन सम्बन्ध बनाने से बचना।
1. क्या संक्रमण के कारण दर्द होता है?
संक्रमण के कारण दर्द होता है और यह संक्रमण एक से दूसरे तक आसानी से फ़ैल सकता है। जैसे यौन संचारित रोग, वुलवर वेस्टीबुलिटिस आदि संक्रमण अलग अलग प्रकार के हो सकते है यदि कोई व्यक्ति संक्रमण से ग्रसित है तो उन्हें डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
2. मासिक धर्म या पीरियड्स के समय यौन-संबंध बनाना उचित होगा?
मासिक धर्म या प्रेग्नेंसी के दौरान यौन संबंध बनाना उचित नहीं होता है। क्यूंकि मासिक धर्म के समय यौन संबंध बनाने पर महिलाओं को दर्द होने लगता है।
3. क्या तनाव व थकान यौन संबंध को प्रभावित करता है?
तनाव व थकान के समय व्यक्ति को यौन संबंध नहीं बनाने चाहिए क्यूंकि तनाव व थकान के कारण सेक्स के प्रति रुचि कम रहती है और मांसपेशियों के लचीले ना होने के कारण इंटरकोर्स के दौरान दर्द भी अधिक होता है।
4. डेस्परेयुनिया किसे कहते है?
महिलाओं को सेक्स के दौरान होने वाले दर्द को डेस्परेयुनिया कहते है यह दर्द अनेक कारणों से हो सकता है इन सभी कारणो का उल्लेख किया गया है। इन सभी कारणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर दवाईयां और उपचार कराना आवश्यक है।
संदर्भ में; https://blogs.webmd.com/healthy-sex/20160830/painful-sex-6-possible-causes
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