भारत में लॉकडाउन 3 मई तक रहेगा और क्यों

भारत में लॉकडाउन 3 मई तक रहेगा और क्यों

प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल को कोरोना वायरस के विषय में देश को संबोधित करते हुए 21 दिन के लॉकडाउन को बढ़ा दिया है । प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जहां देश के डॉक्टर सहित समस्त देशवासियों की प्रशंसा कि वहीं लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया है ।

लेकिन क्या आप इस लॉकडाउन बढ़ने के पीछे की हकीकत जानते हैं ?

क्या आप जानते हैं बढ़ा हुआ यह लॉकडाउन सिर्फ 7 दिन यानि एक हफ्ते के लिए ही है |

लॉकडाउन बढ़ने के साथ-साथ सरकार ने क्या-क्या सुविधाएं खोली हैं ?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में इंडियन हार्ट फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के.के.अग्रवाल ने बढ़ाए हुए लॉकडाउन का समर्थन करते हुए कहा – जो प्रधानमंत्री ने कहा है, वह समय और चिकित्सा की दृष्टि से एकदम ठीक है ।

असल में यह लॉकडाउन एक हफ्ते का है और कल यानि 15 अप्रैल को सरकार द्वारा पूरे देश के लिए गाइडलाइंस जारी की जाएगी जिसमें देश को अलग-अलग ज़ोन के हिसाब से बांटा जाएगा ।

अब प्रश्न यह उठता है कि यह ज़ोन क्या है और इसे कैसे बांटा जाएगा ? इस बारे में बताते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सरकार तीन ज़ोन में इसे बांटने का काम करेगी । पहला ग्रीन ज़ोन, दूसरा येलो ज़ोन और तीसरा रेड ज़ोन ।

क्या है ग्रीन, येलो और रेड ज़ोन ?

ग्रीन ज़ोन - ग्रीन ज़ोन के अंदर वह क्षेत्र आएंगे जहां अबतक कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है । न्यूज़ एजेंसी की मानें तो ऐसे क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सरकार की तरफ से छूट दी जाएगी । ग्रीन ज़ोन के अंतर्गत आने वाले छोटे-बड़े बिजनेस को शुरू करने की अनुमति दे दी जाएगी । ऐसे में बिजनेस मालिकों को सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखना होगा ।

येलो ज़ोन - इसमें वो इलाके आएंगेजहां कोरोना के मामले 30 प्रतिशत या इससे कम आए थे और पॉज़िटिव केसों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखी गयी । यहां सरकार खाद्य क्षेत्र जैसे कृषि पर कुछ झूट दे सकती है ।

रेड ज़ोन- सरकार के नज़दीकी सूत्रों की मानें तो रेड ज़ोन वह क्षेत्र होंगे जहां लॉकडाउन पूरी सख्ती के साथ जारी रखा जाएगा । किसी प्रकार की कोई रियायत नहीं दी जाएगी । ये वो क्षेत्र होंगेजहां सबसे अधिक मामले आए या भविष्य में भी मामलों के बढ़ने की संभावना हैं और ऐसे ही इलाक़ों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है ।

क्यों है जोन कॉन्सेप्ट?

केंद्र हो या फिर राज्य सरकारें,  सच यही है कि इस वक्त दोनों असमंजस में हैं । उनको कोई चारा नहीं दिख रहा है । अब ऐसी स्थिति में सरकार के पास दो ही रास्ते हैं - एक ओर स्वास्थ्य है जो लॉकडाउन बढाने से कंट्रोल में रहेगा वहीं दूसरी ओर देश की अर्थव्यवस्था है जो हर घंटे गर्त में जा रही है और पूरा देश भारी मंदी के दौर में जाने का तैयार खड़ा है ।

 अभी फिलहाल सबसे पहले हेल्थ केयर सेवाओं को खोलना होगा और उन्हें पहले की तरह पूरी तरह सामान्य करना होगा ।

क्योंकि ऐसे वक्त में जो भी रोगी अस्पताल में आ रहा है, उसे कोविड 19 पॉजीटिव मानना ही होगा और साथ ही यह भी मानना होगा कि हर सतह पर कोरोना वायरस का असर है इसलिए सेवा शुरु करने से पहले स्वच्छता को प्राथमिकता देनी होगी ।

मुझे उम्मीद है कि सरकार ने यह लॉकडाउन बढ़ाकर ठीक किया है और लोग भी इसका उसी तरह पालन करेंगे जैसा अभी तक करते आए हैं । यदि अगले एक हफ्ते हम नियमों का पूरी तरह पालन करने में सफल हो गए तो निश्चित ही हम ग्रीन ज़ोन में चले जाएंगे और सरकार द्वारा लगाई गई बाधाएं हट जाएंगी