जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

कोरोनावायरस के कारण आज पूरी दुनिया में लॉकडाउन की स्थिति है और जिन देशों ने इसमें ढिलाई बरती वहां जान-माल का बहुत नुकसान हुआ । आवाजाही, काम-धंधे, सबपर इसका असर पड़ा है आज दुनिया के अधिकतर देशों की अर्थव्यवस्था निचले स्तर से गुज़र रही है । कोविड-19 की संक्रमण शक्ति भी इतनी अधिक है कि इसने महज़ 2 महिनों के अंदर अमेरिका जैसे देश में 1 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली और भारत में आज लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में हैं और यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है । 
इस समय पूरी दुनिया में कोविड -19 से लगभग 50लाख से ज्यादा लोग पीड़ित हैं, जिनमें से3 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 2 लाख लोग रिकवर कर पाए हैं । आज तक दुनिया में इससे बड़ी त्रासदी नहीं आयी थी ।
ऐसे माहौल में भारत की स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं है, बल्कि समय बढ़ने के साथ-साथ यह और भयंकर होती जा रही है । पूरे भारत में इस वक्त कोरोना के लगभग 1 लाख 30हजार से अधिक केस हैं और यह आंकड़ा लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है । हर दिन 5 से 6हजार या इससे अधिक केस सामने आ रहे हैं । हालांकि आंध्र प्रदेश और कुछ एक राज्यों में स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश हो रही है ।
कोविड -19 से पीड़ित व्यक्ति तेज़ बुखार के साथ-साथ खांसी और सांस की तकलीफ जैसे लक्षणों का अनुभव करता है । कुछ मामलों में पीड़ित रोगी को दस्त और उल्टी होने की संभावना भी बनी रहती है। कोरोना वायरस का मानव शरीर में रहने का समय14 से 18दिन का होता है और चिंता की बात यह है कि संक्रमित रोगी में लक्षण तब नज़र आने लगते हैं, जब कोरोना शरीर में घर कर चुका होता है ।


चीन के वुहान शहर से हुआ आरंभ

कोविड -19 नाम का यह वायरस चीन के वुहान शहर में पिछले साल 2019के दिसंबर महिने में पाया गया और यह सुर्खियों में तब आया जब 3 लोगों की इस वायरस से मृत्यु हो गई । बताया जाता है कि यह वायरस वुहान के एक मछली बजार से संक्रमित हुआ, परंतु अभी भी यह कहना मुश्किल है कि इसकी शुरुआत चीन में कहां से हुई है ।
कोविड -19 का यह वायरस धीरे-धीरे आवाजाही के द्वारा संपूर्ण विश्व में फैल गया और आज हालात ऐसे हैं कि दुनिया का कोई भी देश इस वायरस से अछूता नहीं है । चीन से होते हुए यह वायरस विश्वभरके दूसरे देशों में भी फैल गया और आज हाल यह है कि ऐसा कोई देश नहीं है जो इससे बच पाया हो । इस वक्त दुनिया के ज्यादातर देश लॉकडाउन से गुज़र रहे हैं और अभी इससे कब तक राहत मिलेगी, कहना बहुत मुश्किल है । 

कुछ लोग चाइना को शंका की नज़र से भी देख रहे हैं और उनका यही कहना है कि यह चीन द्वारा जानबूझकर किया एक प्रयोग था जो पूरी तरह फेल हो गया, तोकुछ लोग इसे चीन द्वारा किया गया षड्यंत्र बता रहे हैं और इसके पीछे यह तर्क देते हैं कि चीन ने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यव्था बनने के लिए ऐसा किया है ।
हालांकि चीन में अब स्थिति नियंत्रण में आने लगी है, लॉकडाउन खोल दिया गया है और जिंदगी एक बार फिर पटरी पर है । चीन में अबतक30 हजार से अधिक लोगों की मौत इसी वायरस की वजह से हो गई है और लगभग 4लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं । डॉक्टर्स का कहना है कि इस आंकड़े के अभी और बढ़ने की संभावना है । चीन के शेनझेन शहर के चिकित्सकों ने कहा कि एक 66 साल के व्यक्तिमें वुहान की यात्रा के बाद कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए थे ।


कोरोना वैक्सीन की सच क्या है?

कोविड -19 की दवा या वैक्सीन को लेकर कईं महिनों से प्रयास किए जा रहे हैं ।कुछ देशों ने दावा भी किया है कि उन्होंने इसकी वैक्सीन बना ली है, परंतु कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर सबसे बड़ा सच यही है कि अभी तक इसकी कोई वैक्सीन नहीं बनी है । सोशल मीडिया पर भी इसकी वैक्सीन को लेकर कईं तरह के झूठ और बहुत सारी भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं लेकिन वह सच नहीं हैं ।

बीते दिनों एक खबर पुणे से आई है, यहां की एक कंपनी सीरम इंस्टीट्यूटऑफ इंडिया ने मई में कोरोना वायरस के उपचार हेतु एक वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल शुरु करने की बात कही । कंपनी इस वैक्सीन कोअपने पुणे स्थित प्लांट में तैयार कर रही है और उनका कहना है कि अगर यह ट्रायल सफल रहा तो वैक्सीन सितंबर-अक्टूबर तक लोगों को मिल जाएगी ।

इस वैक्सीन को यह कंपनी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बना रही है । सीरम नाम की यह दवा कंपनी पूरी दुनिया में अपने टीके और डोज बनाने के लिए जानी जाती है। कंपनी का कहना है कि अगर ट्रायल सफल रहा तो हम पहले छह महीनों में 50 लाख से लेकर 1 करोड़ डोज़ हर महीने तैयार करेंगे ।


कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कैसे फैला?

कोविड -19 एक ऐसा वायरस है जो जीव से जीव में फैलता है - स्पर्श द्वारा, सांसों द्वारा, सांसों से निकलने वाले स्लाइवा जिसे लार कहते हैंउसके द्वारा या ऐसी किसी वस्तु को छुने से जो कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आई हो । 
SARS, और MERSके मुख्य मामलों की तुलना में, पहले कोरोना वायरस का प्रकोप कम था, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, इस वायरस ने सबको पीछे छोड़ दिया ।कुछ डॉक्टरों का कहना है कि अभी कोरोना वायरस का प्रकोप कम है, अभी इसके प्रचंड रुप का आना बाकी है और इसे कम करके आंकना नहीं चाहिए ।

क्या है नवल कोरोना वायरस का चिकित्सा इतिहास?

किसी भी वायरस से निपटने के लिए, विशेषज्ञ अच्छे स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रथाओं के माध्यम से संक्रमण के खतरे को कम करने की सलाह देते हैं। 21दिसंबर, 2019को चीन में डब्ल्यूएचओ(WHO) ने पुष्टि की कि वह चीन में फैले निमोनिया के असली कारणों की पहचान नहीं कर पा रहे हैं । 
उस समय चीन के नगर स्वास्थ्य आयोग ने कहा था कि लोगों को मछली बाजारों में जाने से बचना चाहिए और अन्य प्रकार के जीवित जानवरों, कच्चे मीट आदि को खरीदना बंद कर देना चाहिए, जो इस निमोनिया वाली बीमारी का कारण हो सकते हैं।
अगली सूचना आने तक बाजार बंद कर दिए गए । लेकिन आज स्थिति यह है कि हजारों हज़ार लोग हर रोज़ जान गंवा रहे हैं और लाखों लोग संक्रमित हो चुके हैं । 
अगर इस बीमारी का पता चल जाए तो इसकी वैक्सीन बनने में देर नहीं लगेगी । परंतु समस्या यही है कि अभी तक इसकी वैक्सीन नहीं बन पाई है ।

कोरोना वायरस से बचाव 

आज भी कोरोना वायरस को काटने के लिए कोई टीका या विशेष प्रकार का उपचार उपलब्ध नहीं है, हालाँकि तकनीकी विकास के अंतर्गत कईं टीके और विशिष्ट उपचार मौजूद हैं। लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान रखते हुएहम कोरोना वायरस से रोकथाम कर सकते हैं :
यह बात हर किसी को समझ लेनी चाहिए कि अब कुछ समय तक सभी को सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता का पालन करना है ।हाथों को धोते रहना और साफ रखना कोरोना वायरस से बचे रहने का सबसे उत्तम कदम है । 

जब भी कहीं बाहर से आएं, किसी से हाथ मिलाएं या किसी के नज़दीक जाएं तो फौरन हाथों को हैंड वॉश, साबुन से धोएं । 
कोशिश करें कि हाथ न मिलाएं, किसी के नज़दीक न जाएं । 
हाथों से नमस्ते करें, चाहकर भी हाथ मिलाने से बचें । 
अगर छीकें या खांसी आ रही है तो मास्क लगाना अनिवार्य है । 
अगर छींके या खांसी नहीं आ रही तो बेवजह मास्क न लगाएं । 
घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें । 
कुछ समय के लिए किसी भी प्रकार की भीड़ में जानें से बचें, जैसे - शादी, शोक सभा, बाज़ार आदि । 

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