जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

Covid Update 11 February  2022

24 घंटे मे 58 हज़ार 077 नए कोरोना केस, 657 मौतें और 1 लाख 50 हजार 407 रिकवरी केस दर्ज हुए


देश में कोरोना के सबसे नए वेरिएंट ओमिक्रोन ने मुकाबले वाला टीका भी बना लिया गया है। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने यह जानकारी दी है। इसमें भी खास बात ये है कि यह टीका एमआरएनए (mRNA) आधारित है। यानि, वह तकनीक जो कोरोना सभी वेरिएंट से मुकाबले के मामले में अब तक सबसे प्रभावी पाई गई है।

नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा, ‘हम जेनोवा (Gennova) की mRNA आधारित वैक्सीन (र करीबी निगाह रख रहे हैं। यह पूरी तरह स्वदेशी है। इसे एक से दूसरी जगह पहुंचाने में आसानी रहती है। साथ ही यह सामान्य तापमान में भी सुरक्षित रह सकती है। अमेरिका, आदि में उपलब्ध अन्य mRNA आधारित वैक्सीन की तरह अतिरिक्त ठंडे वातारण की जरूरत इसे नहीं होती। इसका उत्पादन तेजी से और अधिक मात्रा में हो सकता है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर इसमें संशोधन कर नए कोरोना वेरिएंट से मुकाबले के लिए इसे उन्नत भी किया जा सकता है।’

नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने आगे कहा, “भारत की वैक्सीन प्लेटफॉर्म होना कोरोना वायरस और ओमिक्रोन के मद्देनजर एक संपत्ति है, लेकिन अन्य बीमारियों के लिए भी, जिसके लिए हम अभी भी सस्ती, प्रभावी और स्थायी टीकों की तलाश कर रहे हैं, इसलिए हम इस प्लेटफॉर्म को संजोते हैं और हम कंपनी और की तारीफ करते हैं। समूह जो इसमें गया है। एक मंच के रूप में, यह निकट भविष्य में और उसके बाद भी महत्वपूर्ण होगा।" 

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि यह एक और टीका है जो वास्तव में स्थापित करता है कि भारत एक वैक्सीन महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है और यह तथ्य कि ये टीके अन्य बीमारियों के लिए उपलब्ध होने जा रहे हैं और क्योंकि इतने बड़े अनुपात में टीकाकरण किया गया है, हम अस्पताल में भर्ती और मृत्यु दर के मामले में इतना विनाशकारी तीसरा उछाल नहीं देख रहे हैं," 

देश भर में लगातार बढ़ रहा है कोरोना का कहर

कोरोना वायरस के रोजाना के मामलों में अब लगातार भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे अब यह यकीन बनता जा रहा है कि बहुत जल्द कोरोना के मामले आने बंद हो जाएँगे। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार आज 11 फरवरी बीते 24 घंटों में देश भर में 58 हज़ार 077 कोरोना के नए मामले दर्ज किये गये हैं। आज के तजा मामले कल के मुकाबले पुरे 13.5 प्रतिशत की कमी के साथ सामने आए हैं जो बहुत अच्छा संकेत है। 

हम बीते कई दिनों से देख रहे हैं कि कोरोना वायरस की वजह से अपनी जान गवाने वालों की संख्या में रोजाना काफी इजाफा हो रहा था। लेकिन आज मौतों के आकड़ों में भारी कमी देखने को मिली है। आज कोरोना से जान गवाने वालों का आकड़ा कल के मुकाबले आधा है।

कल गुरुवार जहाँ 1 हज़ार 241 लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई थी वहीं आज कोरोना की वजह से 657 लोगों की जान गई है। प्रतिशत के हिसाब से बात करें तो आज के मामले कल के मुकाबले पुरे 52।9 प्रतिशत कम है। आज सामने आए आकड़ों के बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या 5 लाख 07 हजार 177 तक पहुँच गया है। राहत की बात यह है कि देश में फ़िलहाल मृत्यु दर 1.19 तक ही है। 

कोरोना के मामलों में जैसे-जैसे गिरावट देखि जा रही है वैसे-वैसे कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या में वृद्धि भी देखि जा रही है जो कि काफी राहत की बात है। आज सुबह शुक्रवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किये ताज़ा आकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में 1 लाख 50 हजार 407 लोगों ने कोरोना को मात दी है और अपने घर वापिस गये हैं। बीते 24 घंटों में 1 लाख 50 हजार 407 लोगों के कोरोना को मात देकर ठीक होने वालों कि संख्या 4 करोड़, 13 लाख, 31 हजार, 158 तक पहुँच गई है। वहीं, सक्रिय मामलों की बात करें तो देश में अभी 6 लाख 97 हज़ार 802 लोगों का इलाज चल रहा है जो कि लगातार घट रहा है। आज सुबह शुक्रवार को ताजा आए कोरोना संक्रमितों के चलते अब तक कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4 करोड़, 25 लाख, 37 हजार, 136 तक पहुँच गई है।     

फ़िलहाल सबसे अच्छी बात यह है कि देश भर में संक्रमण दर 10 फीसदी कम हुई है और वहीं एक्टिव केसो की संख्या लगातार घट रही है जो कि वर्तमान समय में दो प्रतिशत से भी निचे हैं, आज देश भर में 1.64 प्रतिशत एक्टिव केस ही बचे हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रायल के अनुसार मौजूदा समय में रिवकरी रेट 97.17 प्रतिशत है। रिवकरी रेट लगातार बढ़ रहा है और यह दर्शाता है कि अब हालात में सुधार हो रहा है। इसी के साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रायल के अनुसार आज साप्ताहिक सकारात्मकता दर 5.76 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं बात करें दैनिक सकारात्मक दर कि तो वो फ़िलहाल 3.89 प्रतिशत है। 

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 171 करोड़ 79 लाख 51 हज़ार 432 लोगों को कोरोना कि खुराक दी जा चुकी हैं। वहीं बीते 24 घंटे में 48 लाख 18 हजार 867 लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज़ दी गई। मौजूदा आकड़ों में पहली और दूसरी डोज दोनों शामिल है, कोरोना टीकों के यह आकड़ें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किये गये हैं। अगर कल हुई कोरोना जांचों के बारे में बात करें तो 15,11,321 कोरोना जांच की गई जिसके बाद कुल जांचों का आकड़ा बढ़कर 74,61,96,071 तक पहुँच गया है।  



‘ओमीक्रोन’ भारत में कितना खतरनाक, वैक्सीन कितनी असरदार, सब कुछ जानिए

Corona 11 February 2022 Headlines Update 

  1. कोरोना की तीसरी लहर जैसे-जैसे काबू में आ रही है वैसे-वैसे पाबंदियों में काफी ढील दी जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा जोर बच्चों के स्कूल खोलने पर दिया जा रहा है, अब तक कई राज सरकारों ने स्कूल खोलने का फैसला ले लिया है। इसी कड़ी में अब मेघालय सरकार ने भी फिर से स्कूल खोलने का फैसला ले लिए है। राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा है कि 14 फरवरी से पहली कक्षा से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल फिर से खुलेंगे और दोनों टीका ले चुके लोगों के लिए राज्य में प्रवेश पर कोरोना वायरस की जांच की आवश्यकता नहीं होगी।मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार देर रात कोविड​​-19 स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी जिसके बाद कई फैसले लिए गये हैं। 

  2. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या में मामूली बढ़त देखि गई है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 1 हज़ार 104 नए मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद राजधानी में सक्रीय मामलों की संख्या बढ़कर 5438 हो गई है। राजधानी दिल्ली में फ़िलहाल कोरोना संक्रमण दर 2.09 फीसदी हो गई है। पिछले 24 घंटों में 12 और मरीजों की मौत भी हुई है और इसके साथ ही मृतकों का आंकड़ा 26,035 पहुंच गया है। होम आइसोलेशन में 3 हज़ार 573 मरीजों का इलाज चल रहा है। अब तक 18 लाख 48 हज़ार 619 मरीजों को कोविड चपेट में ले चुका है। राजधानी के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 24 घंटे में 1 हज़ार 958 मरीज डिस्चार्ज भी हुए हैं, इसके साथ ही डिस्चार्ज होने वालों का कुल आंकड़ा 18,17,146 हो गया है। सक्रिय कोरोना मरीजों की दर 0.29 फीसदी है और रिकवरी दर 98.29 फीसदी है। कोरोना डेथ रेट 1.41 फीसदी है।  

  3. बाकी राज्यों की ही तरह गुजरात में भी कोरोना के मामलों में लगातार काफी कमी देखि जा रही है, जिसके बाद अब 19 शहरों में रात का कर्फ्यू हटा दिया, जबकि आठ बड़े शहरों में इसकी अवधि घटा दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में राज्य की कोर समिति की बैठक में स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह फैसला किया। बयान के अनुसार रात का कर्फ्यू सिर्फ आठ बड़े शहरों में तीन घंटे की छूट के साथ, रात 12 बजे से सुबह पांच बजे तक लागू रहेगा। इन शहरों में शामिल है – अहमदाबाद, वड़ोदरा, सूरत, राजकोट, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़ और गांधीनगर हैं। 

  4. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी कि गुरुवार को राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के 6 हज़ार 248 नये मामले सामने आये। राज्य में नए कोरोना के मामले एक दिन पहले आए मामलों के मुकाबले 894 कम है। कोरोना वायरस के नए आकडे सामने आने के बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 78 लाख 29 हज़ार 633 हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि वायरस के कारण 45 और लोगों की प्रदेश में मौत हो गयी जिसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1 लाख 43 हज़ार 292 हो गयी है। 

  5. अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 90 नए मामले सामने आए हैं। इन नए आकड़ों के बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 63 हज़ार 814 हो गई। राज्य में संक्रमण से एक और व्यक्ति की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 293 हो गई। राज्य में अभी 1 हज़ार 131 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जबकि 62,390 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। मरीजों के ठीक होने की दर 97.77 प्रतिशत है। 

  6. अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सात और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के कारण संक्रमितों की संख्या बढ़कर 9 हज़ार 958 हो गई है।


वैक्सीन हैडलाइन 11 February 2022 

बीते 24 घंटों में कुल टीकाकरण –  48,18,867 

एहतियाती खुराक (Booster Dose) – 1,61,15,768 

15-18 आयु वर्ग पहली खुराक – 5,13,17,677

15-18 आयु वर्ग दूसरी खुराक – 1,64,91,759

देश में कुल कोविड टीकाकरण –  1,71,79,51,432 

  1. अब बहुत जल्द ही 15 साल से कम उम्र के बच्चों के कोविड टीकाकरण शुरू होने वाला है, क्योंकि इस पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इसके लिए साइंटिफिक स्टडी चल रही है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने यह जानकारी देते हुए कहा कि हमारा मेन फोकस कोरोना वैक्सीन की कवरेज को बढ़ाना है। डॉ. पॉल ने बताया कि हम उन लोगों को टीकाकरण के दायरे में लाने पर काम कर रहे हैं जिन्हें वैक्सीन की पहली डोज भी नहीं लगी है। 60 साल से कम उम्र के ऐसे लोग जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है, उनके लिए बूस्टर डोज पर भी विचार चल रहा है, लेकिन इसका निर्णय साइंटिफिक स्टडी के आधार पर ही किया जाएगा। 

  2. आस्ट्रेलियाई लोगों को अब अपने शॉट्स के साथ "अप टू डेट" माने जाने के लिए तीन कोविड वैक्सीन खुराक की आवश्यकता होगी, लेकिन बूस्टर मैंडेट पर अपने स्वयं के नियम निर्धारित करने के लिए इसे अलग-अलग राज्यों पर छोड़ दिया जाएगा। गुरुवार को, संघीय स्वास्थ्य मंत्री, ग्रेग हंट ने घोषणा की कि सरकार के टीकाकरण सलाहकार निकाय ने अपने मार्गदर्शन को अद्यतन किया है। टीकाकरण के नए मार्गदर्शन पर ऑस्ट्रेलियाई तकनीकी सलाहकार समूह कहता है कि किसी को उनके टीकाकरण के साथ "अप टू डेट" माने जाने के लिए तीसरी खुराक की आवश्यकता होती है।

कैसे करें घर पर कोविड 19 के इलाज की तैयारी ?


कोविड-19 के लक्षण-


ओमिक्रोन के लक्षण

सबसे के आम लक्षण

·         दस्त

·         सिरदर्द

·         बदन दर्द

·         गले में खराश

·         लाल आँखें होना

·         त्वचा पर दाने या त्वचा फटना

·         हाथ-पैरों की उंगलियों का रंग बदलना।

  

ओमिक्रोन के गंभीर लक्षण

·         सांस लेने में तकलीफ होना

·         सांस उखड़ कर आना

·         बोलने या चलने में दिक्कत

·         भ्रम होना या सीने में दर्द।


कोविड के शुरुआती लक्षण है -

·          

·         हल्का बुखार

·         सर दर्द

·         सर्दी

·         खांसी


कोविड के गम्भीर लक्षण है - 

·         सांस लेने मे दिक्कत या सांस फलना

·         ओक्सिजन का कम होना 

·         स्वाद ना आना

·         सीने मे दर्द होना

·         कमजोरी महसूस होना


कम दिखने वाले लक्षण/नए लक्षण -

·         आंखो का लाल या गुलाबी होना

·         सुनने मे परेशानी

·         जीभ पर जलन / कोविड टंग 

·         पेट या आंत मे परेशानी होना


कोविड का गम्भीर कोम्प्लिकेसन -


बाल झड़ने की समस्या 

कोरोना से ठीक हुए लोगो मे बाल झड़ने की समस्या सामने आयी है। डॉक्टर के मुताबिक, 100 मे से 25 मरीजो मे यह समस्या हो रही है। बाल झड़ने की परेशानी मध्यम या गंभीर मरीजो मे पायी जा रही है।डॉक्टर के अनुसार बायोटिन विटामिन कम होने के कारण यह हो रहा है। यह समस्या के कारण छतीसगढ के सरकारी एवं निजी अस्पतालों मरीज आ रहे और रायपुर मे ऐसे केस सामने आए है।


कमर और पैर दर्द

कोरोना से ठीक हुए लोगो मे कई साइड इफेक्ट देखे जा रहे, जिसमे सबसे आम कमर दर्द और पैरों मे खिचाव है।  डॉक्टर ऐसे मरीजो को विटामिन डी और सी खाने की सलाह दे रहे।

 

टयूबरकुलोसिस (टी ।बी)

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को सभी कोरोना सकारात्मक मरीजो के लिए टी।बी जांच और सभी टीबी मरीजो के लिए कोरोना जांच की सिफारिश की।कोरोना किसी भी संक्रमित व्यक्ति को टयूबरकुलोसिस के लिए सवेदंशील बना सकता है, हालांकि अभी इसका कोई पक्का सबूत नही है की ये वायरल बिमारी से फैलता है।


एवस्कुलर नेक्रोसिस

एवस्कुलर नेक्रोसिस, या हड्डी के टीसु की मृत्यु, दो महीने पहले म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फन्गस के प्रकोप के बाद अब पोस्ट कोविड रोगियों में अगली दुर्बल करने वाली स्थिति हो सकती है।अब तक इसके 3 मरीज मुंबई मे मिल चुके है और डॉक्टर को डर है की ब्लैक फन्गस के तरह इसका भी आउटब्रेक ना हो। ये भी स्टेरॉईड का साइड इफेक्ट के कारण हो रहा है।


रेस्पाईरेटरी प्रॉब्लम

रेस्पाईरेटरी प्रॉब्लम ज्यादतर कोविड मरीज को हो रही है जिसमे ठीक से सांस ना आना, सीने मे दर्द रहना शामिल है।कोरोना का सबसे ज्यादा प्रभाव रेस्पाईरेटरी पार्ट पर ही पड़ता है, जिसके कारण कई परेशानी भी हो रही है जैसे ऐक्यूट रेस्पाईरेटरी फेलियर, ऐक्यूट कर्डिक इन्जूरी, इत्यादी।


फ्लारेसीस

फ्लारेसीस भी कोरोना का कोम्प्लिकेसन है जिसमे पैर काफी हद तक फुल जाते है।इसे हाथी पैर भी कहते है। इसमे चलने मे परेशानी होता है क्योंकि पैर भारी हो जाता है।


ब्लैक फंगस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा, देश में अब तक म्यूकोर्मिकोसिस या 'ब्लैक फंगस' के 45,374 मामले सामने आए हैं। जबकि देशभर में इस बीमारी से अब तक 4,332 मरीजों की मौत हो चुकी है।ब्लैक फंगस को विज्ञान भाषा में म्यूकोरमीकोसिस कहते है, इस बीमारी से मरीज़ो की तकलीफे बढ़ गयी थी। ये स्टेरॉइड का साइड इफेक्ट के करण हो रहा है। हालाकि अब तो इसके केस देश मे काफी हद तक कम हो गए है।ये फंगस मिटटी, खाद, सड़े फल या सब्जियों में पनपता है जो की हवा और इंसान के बलगम में भी पाया जा सकता है।ये नाक से, मिटटी के संपर्क या खून के ज़रिये शरीर में दाखिल हो सकता है और त्वचा, दिमाग, और फेफड़ो को निशाना बना सकता है , इसमें मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक हो सकती है। इसके इलाज में मरीज़ो के आँख तक निकलने की नवबत आ सकती है। 

 

 ICMR ने सुझाव दिया है की जिन कोविद पेशेंट को डायबिटीज है और जिन्होंने स्टेरॉयड के ओवरडोज़ लिए है वो अपना खास ख्याल रखे और किसी भी तरह की परेशानी पर डॉक्टर से संपर्क करे। 

ब्लैक फंगस को ठीक करने वाली दवा लिपोसोमल अम्फोटेरिसिन बी, जो की एंटीफंगल ड्रग है। इसके आलावा येलो फंगस, एस्परगिलोसिस फंगस, और वाइट फंगस भी स्टेरॉइड का साइड इफेक्ट है, जो दो से तीन महिने पहले काफी ऐक्टिव था।अब राहत की बात है इन फंगस के मामले काफी हद तक कण्ट्रोल मे आ गए है। कोरोना के खतरे के बावजूद देश मे अभी भी लापरवाही की कई तस्वीर सामने आ रही जिसमे लोग न मास्क पहने नजर आ रहे और न ही सोशल डिस्टन्स का पालन कर रहे, एक्सपर्ट और डॉक्टर का कहना है की अगर ऐसा ही रहा तो तीसरी लहर का सामना जल्द करना पड़ेगा ।

 


रेफरेंस लिंक -

1। https://bit।ly/2VJHgeH

2। https://bit।ly/3xH6Vlo

3। https://bit।ly/2XfTyMx


Dr. KK Aggarwal

Recipient of Padma Shri, Vishwa Hindi Samman, National Science Communication Award and Dr B C Roy National Award, Dr Aggarwal is a physician, cardiologist, spiritual writer and motivational speaker. He was the Past President of the Indian Medical Association and President of Heart Care Foundation of India. He was also the Editor in Chief of the IJCP Group, Medtalks and eMediNexus

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