जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

24 घंटे मे 41,383 नए कोरोना केस, और 507 मौते हुई  

भारत मे कोरोना के मामले मे पहले से ज्यादा कमी आई है। देश मे एक दिन मे कोरोना केस फिर से 40,000 से ज्यादा दर्ज किया गया।राहत की बात है पिछले 31 दिनों से संक्रमण दर 3 फीसदी से नीचे बना हुआ है। मृत्यु दर 1.34 फीसदी है और रिकवरी रेट 97.35 फीसदी तक बढ़ गया है। ऐक्टिव केस 5 लाख से कम हो गए है, यानी ऐक्टिव केस 1.29 फीसदी है। पिछ्ले 24 घन्टे मे ऐक्टिव केस की संख्या घट कर 4,09,394 लाख है। WHO ने आगाह किया की डेल्टा वेरियंट के फैलने से दुनियाभर मे संक्रमित लोगो की संख्या बढ़ सकती है।कोरोना के बी.1.617.2 स्वरूप को डेल्टा वरिएंट के नाम से जाना जाता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दोनों सदनों के नेताओं को कोविड -19 स्थिति से अवगत कराया और कहा कि "महामारी राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए और पूरी मानवता के लिए चिंता का विषय है," और टीकाकरण अभियान की उचित योजना बनाने पर भी बल दिया।तीन जीन जो कोरोना संक्रामण को गम्भीर बना रहे - टीवाईके2, सिसिआर2, और डीपीपी9, ये कोरोना से संक्रमित होने के बाद शुरु होता है और स्थिति को गम्भीर बनाती है।

WHO ने कहा की कोरोना का डेल्टा स्वरूप पूरी दुनिया मे फैल रहा है और अब तक ये 104 दशों मे पहुंच गया है।

ICMR के अनुसार, भारत मे कल तक कोरोना वायरस के लिए 17,18,439 सैम्पल टेस्ट किए गए, और कल तक कुल 45,09,11,712 सैम्पल टेस्ट किए जा चुके है।





कोरोना हाइलाईटस -

दुनियाभर मे कोरोना संक्रमित की संख्या बढ़कर 19.24 करोड़ हो गयी है और 41.37 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।


महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को जानकारी दी कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत की सूचना नहीं है।महाराष्ट्र में कोरोना के ज्यादा होने के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है।

कम से कम एक तिहाई भारतीय अभी भी कोरोना संक्रमण के चपेट मे है, स्वास्थ्य अधिकारी ने चौथे राष्ट्रीय सीरो सर्वे के निष्कर्ष साझा करते हुए कहा की ये  दर्शाता है कि 67.6 फीसदी सामान्य आबादी में सार्स-कोव-2 के खिलाफ एंटीबॉडीज बन चुका हैं।

बकरीद के लिए कोविड प्रतिबंधों में ढील देने पर केरल सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद, राज्य ने 24 और 25 जुलाई के लिए पूर्ण तालाबंदी की घोषणा की है। यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग शुक्रवार 23 जुलाई को एक सामूहिक परीक्षण अभियान आयोजित करेगा। 


राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को अब तक 43.79 करोड़ (43,79,78,900) से अधिक टीके की खुराक दिये जा चुके है। आज सुबह 8 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इसमें से कुल 40,59,77,410 खुराक की खपत है। संभवत: देश मे पहला मामला आया, असम में एक डॉक्टर को एक ही समय में दो अलग-अलग रूपोंअल्फा और डेल्टासे संक्रमित पाया गया। उन्हें पूरी तरह से टीका लगाया गया था। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 8,159 नए कोरोना ​​मामले, 7,839 मरीज डिस्चार्ज और 165 मौतें हुई हैं। तमिलनाडु में आज 1,891 नए कोरोना ​​मामले, 2,423 ठीक होने और 27 लोगों की मौत हुई है।डेल्टा वेरिएंट का खतरा अभी तक टला भी नही था, की एक और घातक वेरिएंट 'लैम्ब्डा' सामने खड़ा हुआ है ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, डेल्टा वेरिएंट  100 से ज्यादा देशो मे सामने चुका है।ये वेरिएंट उनमे ज्यादतर मिल रहा है जिन्होने विदेश यात्रा की है और, राहत की बात है की ये अब तक भारत मे नही पाया गया है। लैम्ब्डा वेरिएंट को डेल्टा से ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा, ये डेल्टा, अल्फा और गामा वेरिएंट से ज्यादा संक्रामक है।

वैक्सीन अपडेट
24 घंटे मे कुल खुराक दिए गए –  20.83 लाख

भारत मे अब तक कुल वैक्सीन के खुराक – 41.76 करोड़

डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, WHO दक्षिण-पूर्व एशिया ने कहा, WHO के कोरोना वैक्सीन ग्लोबल एक्सेस (COVAX) कार्यक्रम के माध्यम से भारत को मॉडर्न वैक्सीन की 7.5 मिलियन खुराक की पेशकश की गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि भारत डीएनए आधारित कोविड -19 वैक्सीन विकसित करने वाला पहला देश होगा, जबकि अन्य निर्माता लगातार उत्पादन में तेजी ला रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे वैज्ञानिक डीएनए वैक्सीन विकसित करने वाले पहले व्यक्ति होंगे, ”मंत्री ने 'जाइडस कैडिला' का जिक्र करते हुए कहा, जिसने अपने डीएनए वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय - भारत ने आज 35.15 लाख से अधिक कोविड वैक्सीन की खुराक दी, जिससे कुल 39.49 करोड़ हो गया।

आठ राज्यों – उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र ने 18-44 वर्ष के आयु वर्ग में 50 लाख से अधिक COVID-19 वैक्सीन की पहली खुराक दी है।सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और रूस डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) ने मंगलवार को सितंबर से भारत में स्पुतनिक वी कोरोनावायरस वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने की योजना की घोषणा की।पार्टियां भारत में प्रति वर्ष वैक्सीन की 300 मिलियन से अधिक खुराक का उत्पादन करने का इरादा रखती हैं।

कोविड-19 के लक्षण-

कोविड के शुरुआती लक्षण है -

  • हल्का बुखार
  • सर दर्द
  • सर्दी
  • खांसी
कोविड के गम्भीर लक्षण है - 

  • सांस लेने मे दिक्कत या सांस फलना
  • ओक्सिजन का कम होना 
  • स्वाद ना आना
  • सीने मे दर्द होना
  • कमजोरी महसूस होना
  • कम दिखने वाले लक्षण/नए लक्षण -
  • आंखो का लाल या गुलाबी होना
  • सुनने मे परेशानी
  • जीभ पर जलन / कोविड टंग 
  • पेट या आंत मे परेशानी होना

कोविड का गम्भीर कोम्प्लिकेसन -

एवस्कुलर नेक्रोसिस

एवस्कुलर नेक्रोसिस, या हड्डी के टीसु की मृत्यु, दो महीने पहले म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फन्गस के प्रकोप के बाद अब पोस्ट कोविद रोगियों में अगली दुर्बल करने वाली स्थिति हो सकती है। अब तक इसके 3 मरीज मुंबई मे मिल चुके है और डॉक्टर को डर है की ब्लैक फन्गस के तरह इसका भी आउटब्रेक ना हो। ये भी स्टेरॉईड का साइड इफेक्ट के कारण हो रहा है।

रेस्पाईरेटरी प्रॉब्लम

रेस्पाईरेटरी प्रॉब्लम ज्यादतर कोविड मरीज को हो रही है जिसमे ठीक से सांस ना आना, सीने मे दर्द रहना शामिल है।क्योकी कोरोना का सबसे ज्यादा प्रभाव रेस्पाईरेटरी पार्ट पर ही पड़ता है, जिसके कारण कई परेशानी भी हो रही है जैसे ऐक्यूट रेस्पाईरेटरी फेलियर, ऐक्यूट कर्डिक इन्जूरी।

फ्लारेसीस

फ्लारेसीस भी कोरोना का कोम्प्लिकेसन है जिसमे पैर काफी हद तक फुल जाते है। इसे हाथी पैर भी कहते है। इसमे चलने मे परेशानी होता है क्योंकि पैर भारी हो जाता है।

ब्लैक फंगस

ब्लैक फंगस को विज्ञान भाषा में म्यूकोरमीकोसिस कहते है, इस बीमारी से मरीज़ो की तकलीफे बढ़ गयी थी। दिल्ली में 6 जुलाई तक म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फंगस के 1,650 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे, आधिकारिक सरकारी आंकड़ों मे दर्ज है।
ये स्टेरॉइड का साइड इफेक्ट के करण हो रहा है। हालाकि अब तो इसके केस देश मे काफी हद तक कम हो गए है। ये फंगस मिटटी, खाद, सड़े फल या सब्जियों में पनपता है जो की हवा और इंसान के बलगम में भी पाया जा सकता है।

ये नाक से, मिटटी के संपर्क या खून के ज़रिये शरीर में दाखिल हो सकता है और त्वचा, दिमाग, और फेफड़ो को निशाना बना सकता है , इसमें मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक हो सकती है। 
इसके इलाज में मरीज़ो के आँख तक निकलने की नवबत आ सकती है। 

ICMR ने सुझाव दिया है की जिन कोविद पेशेंट को डायबिटीज है और जिन्होंने स्टेरॉयड के ओवरडोज़ लिए है वो अपना खास ख्याल रखे और किसी भी तरह की परेशानी पर डॉक्टर से संपर्क करे. 
ब्लैक फंगस को ठीक करने वाली दवा लिपोसोमल अम्फोटेरिसिन बी, जो की एंटीफंगल ड्रग है।

इसके आलावा येलो फंगस, एस्परगिलोसिस फंगस, और वाइट फंगस भी स्टेरॉइड का साइड इफेक्ट है, जो दो से तीन महिने पहले काफी ऐक्टिव था। अब राहत की बात है इन फंगस के मामले काफी हद तक कण्ट्रोल मे आ गए है। 

कोरोना के खतरे के बावजूद देश मे अभी भी लापरवाही की कई तस्वीर सामने आ रही जिसमे लोग न मास्क पहने नजर आ रहे और न ही सोशल डिस्टन्स का पालन कर रहे, एक्सपर्ट और डॉक्टर का कहना है की अगर ऐसा ही रहा तो तीसरी लहर का सामना जल्द करना पड़ेगा ।

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Dr. KK Aggarwal

Recipient of Padma Shri, Vishwa Hindi Samman, National Science Communication Award and Dr B C Roy National Award, Dr Aggarwal is a physician, cardiologist, spiritual writer and motivational speaker. He was the Past President of the Indian Medical Association and President of Heart Care Foundation of India. He was also the Editor in Chief of the IJCP Group, Medtalks and eMediNexus

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