जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

दुनिया भर में कोरोना वायरस की चपेट में अभी तक 39.9 मिलियन लोग आ गए हैं, जिसमे से 1.11 मिलियन लोगों की मृत्यु हो चुकी है । हालांकि 27.4 मिलियन लोग रिकवर कर चुके हैं । बहुत तेजी के साथ पूरी दुनिया में फैल चुका है, परंतु चीन से एक राहत देने वाली खबर सामने आ रही है । चीन द्वारा बनाई जा रही कोरोना वायरस वैक्सीन इसी साल नवंबर तक आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी । कोविड -19 में यह एक बहुत बड़ी खुशखबरी इसलिए भी है क्योंकि वैक्सीन के उपलब्ध होने के आसार अगले साल तक ही बताए जा रहे हैं परंतु चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने दावा किया है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन इसी साल नवंबर उपबल्ध हो जाएगी। 
चीन में वैक्सीन का ट्रायल अब फाइनल स्टेज में हैं । इनमें से कुछ वैक्सीन चीन के अस्पतालों में बांटी जा चुकी है । सीडीसी ने भी कहा है कि - वैक्सीन के तीसरे फेज का क्लीनिकल ट्रायल तेज गति से हो रहा है और कोरोना वैक्सीन नवंबर और दिसंबर में आम जनता के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है । 
चीन की फार्मास्युटिकल ग्रुप कंपनी ‘सिनोफार्म’ और अमेरिका की सिनोवैक बायोटेकमिलकर इमरजेंसी के उपयोग कार्यक्रम के तहत तीन टीकों को बनाने का काम कर रही है। सिनोफॉर्म ने जुलाई में बयान दिया था कि वैक्सीन तीसरे फेज के ट्रायल के बाद इसी साल पब्लिक के इस्तेमाल के लिए तैयार कर ली गई है ।


वैक्सीन की ताज़ा अपडेट 

सीरम इंस्टीट्यूट ने बयान जारी किया है कि दिसंबर के अंत तक भारत में 200 से 300 मिलियन यानि लगभग 20 से 30 करोड़ की मात्रा में वैक्सीन की खुराक तैयार हो जाएगी और आखिरी जांची गई टेस्टीड वैक्सीन 2021 के मार्च तक उपलब्ध हो जाएगी । सीरम इंस्टीट्यूट भारत में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन को ब्रिटेन की एस्ट्रेजेनिका कंपनी के साथ मिलकर तैयार कर रही है ।
एक बार डीसीजीआई के पास हो जाने के बाद वह एसआईआई को एक महीने के भीतर ईयूएल-आपातकालीन उपयोग लाइसेंस की इजाजत देगा । 

अमेरिका की मॉडर्ना वैक्सीन mRNA-1273 के पहले फेस के ट्रायल में यह सामने आया है कि इसके सेवन से बुजुर्गों में मजबूत इम्यूनिटी का निर्माण हुआ है। ये सब'न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन' के हालिया लेख में छपा हैं, जिसके मुताबिक वैक्सीन टेस्ट में शामिल लोगों ने इसे अच्छी तरह से सहन किया है, उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। टेस्ट के लिए 40 स्वस्थ लोगों को चुना गया था, जिनमें 20 की आयु 55 से 70 साल थी और बाकी 20 लोगों की 71 साल से ज्यादा थी। 

बाजार में कब आएगी वैक्सीन ? 

फिलहाल इस वैक्सीन का तीसरे फेसका ट्रायल चल रहा है। अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि कंपनी दिसंबर तक वैक्सीन के प्रभावों की जांच कर लेगी और इसी महीने के अंत में या अगले साल की शुरुआत में इसे बाजार में उपलब्ध कराया जा सकता है। 
ऑक्सफोर्ड द्वारा बनाई कोविड वैक्सीन ‘कोविशील्ड’से जुड़ीअच्छी खबर सामने आ रही है । डीजीसीआईसे अनुमति मिलने के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियाने ऑक्सफोर्ड वाली कोरोना वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो गया है । रिपोर्ट की मानें तो,मुंबई के केईएम अस्पताल में ऑक्सफोर्ड द्वारा बनाई कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल किया जाना तय हुआ है ।



कब तक उपलब्ध होगी ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ? 

ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का फिलहाल तीसरे फेस का ट्रायल चल रहा है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस वैक्सीन को अगले साल बाजार में उतारा जा सकता है । ऑक्सफोर्ड वैक्सीन रेस में सबसे आगे चल रही थी, लेकिन पिछले दिनों ट्रायल के दौरान एक व्यक्ति के बीमार पड़ जाने की वजह से इस ट्रायल को रोक दिया गया था, जिसकी वजह से वैक्सीन के बाजार में आने में देरी हो सकती है। मॉडर्ना की इस वैक्सीन का फिलहाल तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। माना जा रहा है कि कंपनी दिसंबर में वैक्सीन के प्रभावों का पता लगा लेगी और इसी महीने के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में इसे बाजार में उतारा जा सकता है।

चीन और रुस में क्या है वैक्सीन अपडेट

रूस और चीन के साथ-साथदुनिय के कई देशों के वैक्सीन अपने आखिरी फेस के ट्रायल में हैं और इसी को देखते हुए चीन ने अपने देश में किशोर अवस्था की आयु वाले बच्चों पर वैक्सीन परीक्षण करने का निर्णय लिया है । चीन की फार्मा कंपनी सिनोवैक बायोटेक ने यह योजना बनाई है और इसका एक ट्रायल पहले भी किया जा चुका है जो बड़े लोगों पर था और काफी हद तक सफल रहा ।
सिनोवैक बायोटेक का कहना है कि लगभग 552 स्वस्थ किशोरों, जिनकी उम्र 3 साल से 17 साल होगी, उनको इस वैक्सीन का डोस दिया जाएगा ।इस ट्रायल के 28 सितंबर से शुरू होने की संभावना है । चीन में पहले ही 10 हजार नागरिकों पर इस वैक्सीन की टेस्ट किया जा चुका है । 

तीन कोविड वैक्सीन को चीन की मंजूरी
चीन ने अभी इस समय इस्तेमाल करने के लिए कोरोना वायरस की तीन वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। इनमें से दो वैक्सीनचाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप (सीएनबीजी) ने बनाई है। वैक्सीन सबसे पहले मेडिकल स्टाफ को दिए गए हैं। इसके अलावा चीन ने इस वैक्सीन को अपनी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव वाले देशों को भी भेजा है।
दुनियाभर में 180 से ज्यादा कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है । इनमें से 25 वैक्सीन ऐसी हैं, जो फाइनल स्टेज पर हैं । कोरोना से छुटकारा पाने के लिए वैक्सीन को बनाने में सफलता चाहे किसी भी देश को मिले, लेकिन उसका कमर्शिलाइजेशन भारत में ही होगा। इसके लिए हैदराबाद व पुणे की कंपनियां अपनी तकनीक व क्षमता को जरूरत के हिसाब से विकसित भी कर रही हैं। 
इसी तरह इंडिया इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड करीब दो करोड़ वैक्सीन बनाने की क्षमता रखती है और वह ऑर्डर के आधार पर वैक्सीन बनाने को तैयार है। कंपनी की रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-5 को बनाने पर भी बातचीत चल रही है। अरबिंदो फार्मा नामक कंपनी भी कोरोना वैक्सीन के निर्माण में शामिल हो गई है । 
 

क्या है कोविड -19 ?

कोविड -19 नामक यह एक ऐसा वायरस है जो हमारी सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है । यह वायरस हमारे गले, श्वास नली और फेफड़ों पर आक्रमण करता है और उसे बहुत तेज़ी के साथ निष्क्रिय करना शुरु कर देता है । इसके अलावा यह वायरस ज्यादा खतरनाक इसलिए है क्योंकि यह व्यक्ति से व्यक्ति, सतह और हवा के माध्यम से संक्रमित भी होता है ।

इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को संक्रमित होने का आभास तब होता है जब यह मनुष्य के शरीर में घर कर जाता है, हालांकि अभी रिकवरी रेट में लगातार बढ़ोतरी हुई है परंतु इसकी कोई दवा मौजूद नहीं है ।
बात अगर भारत की करें तो स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, बल्कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, यह और विकट और भयंकर होती जा रही है । सिर्फ राजधानी दिल्ली में अभी 2 लाख 68 हजार लोग कोरोना से संक्रमित हैं और यह आंकड़ा लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है । हर दिन भारत में लगभग50 से 60 हजारया इससे अधिक मामले सामने आ रहे हैं । 

इस वायरस की चपेट में आने वाला व्यक्ति तेज़ बुखार के साथ-साथ खांसी और सांस की तकलीफ़ जैसे लक्षणों का अनुभव करता है । कुछ मामलों में पीड़ित रोगी की दस्त और उल्टी की भी हालत बनी रहती है। इस वायरस का मानव शरीर में रहने का समय14 से 18दिन का होता है और यही चिंता की बात भी है क्योंकि संक्रमित रोगी में लक्षण तब नज़र आने लगते हैं, जब कोरोना शरीर में फैल चुका होता है ।

कोरोना के लक्षण 

अब यह वायरस अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर रहा है । अधिकांश संक्रमित लोगों को अलग तरह के और हल्के लक्षण दिख रहे हैं और फिर एकदम से उनकी मौत हो रही है, लेकिन यदि उनको सही समय पर सही उपचार मिल जाए तो वह अस्पताल में भर्ती हुए बिना ठीक हो जाएंगे ।

सामान्य लक्षण :
1. बुखार ।
2. सूखी खांसी ।
3. थकान ।

हल्के सामान्य लक्षण :
1. दर्द एवं पीड़ा ।
2. गले में खराश ।
3. दस्त ।
4. आँख आना ।
5. सरदर्द ।
6. स्वाद या गंध का चला जाना  ।
7. त्वचा पर एक दानेया उंगलियों या पैर की उंगलियों को काटना ।


बेहद गंभीर लक्षण :

1. सांस लेने में कठिनाई या सांस की तकलीफ ।
2. सीने में दर्द या दबाव ।
3. बोलने और चलने-फिरने में परेशानी ।

अगर आपके पास गंभीर लक्षण हैं, तो तत्काल चिकित्सा की तलाश करें । हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य सुविधा पर जाने से पहले फोन करें । हल्के लक्षण वाले लोग जो अन्यथा स्वस्थ हैं उन्हें घर पर अपने लक्षणों का प्रबंधन करना चाहिए । लक्षण दिखने में औसतन 5 से 6 दिन लगते हैं जब कोई वायरस से संक्रमित होता है, हालांकि इसमें 14 दिन तक का समय भी लग सकता हैं ।

क्या है रोकथाम ?

अभी तक इस वायरस से बचाव करने वाली कोई दवा या टीका नहीं बना है, हालाँकि तकनीक और आधुनिक चिकित्सा के चलते कईं टीके और विशेष उपचार मौजूद हैं । लेकिन कुछ सावधानियों का ध्यान रखते हुए इस वायरस से रोकथाम कर सकते हैं ।
यह बात हर किसी को समझ लेनी चाहिए कि अब कुछ समय तक सभी को सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता का पालन करके ही जीवन जीना है । हाथों को धोते रहना है और यही कोरोना वायरस से बचे रहने का सबसे उत्तम उपाय है : 

जब भी कहीं बाहर से आएं, किसी से हाथ मिलाएं या किसी के नज़दीक जाएं तो फौरन हाथों को हैंड वॉश, साबुन से धोएं । 
कोशिश करें कि हाथ न मिलाएं, किसी के नज़दीक न जाएं । 
हाथों से नमस्ते करें, चाहकर भी हाथ मिलाने से बचें । 
अगर छीकें या खांसी आ रही है तो मास्क लगाना अनिवार्य है । 
अगर छींके या खांसी नहीं आ रही तो बेवजह मास्क न लगाएं । 
घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें । 
कुछ समय के लिए किसी भी प्रकार की भीड़ में जानें से बचें, जैसे - शादी, शोक सभा, बाज़ार आदि । 

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