जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

कोविड -19 की वजह से पूरी दुनिया कईं साल पीछे चली गयी है और जिन देशों ने कोरोना वायरस को शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया उन देशों की हालत सबसे अधिक खराब हुई है और साथ ही साथ जान-माल का बहुत नुकसान हुआ है । इस वायरस का असर हर प्रकार के काम-धंधों पर पड़ा है । आज दुनिया के ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रही है । 
कोरोना वायरस की संक्रमण क्षमता इतनी अधिक है कि इसने महज़ 2 महिनों के अंदर अमेरिका जैसे देश में 1 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और यह आंकड़ा लगतार बढ़ रहा है । पूरे भारत में आज लगभग 2.27 मिलयन लोग इस वायरस की चपेट में आ गए हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है । हालांकि अब कुछ राज्यों से राहत भरी खबर भी आने लगी है । 
राजधानी दिल्ली में रिकवरी रेट 80 प्रतिशत पहुंच गया है और यहां अब मामले भी एक हजार या उससे कम आने लगे हैं । इसी तरह गोवा, आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और दूसरे पहाड़ी क्षेत्रों की हालत भी स्थिर बनी हुई है । 
इस समय पूरी दुनिया की आबादी में इस वायरस से लगभग 20 मिलियन लोग पीड़ित हैं, जिनमें से 7 लाख 35 हजार लोगों की जान जा चुकी है और 12.2 मिलियन लोग रिकवर कर पाए हैं । कोरोना वायरस अभी तक दुनिया में आयी सबसे बड़ी त्रासदी है ।

क्या है यह वायरस ?

कोविड -19 नामक यह एक ऐसा वायरस है जो हमारी सांस लेने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है । यह वायरस हमारे गले, श्वास नली और फेफड़ों पर आक्रमण करता है और उसे बहुत तेज़ी के साथ निष्क्रिय करना शुरु कर देता है । इसके अलावा यह वायरस ज्यादा खतरनाक इसलिए है क्योंकि यह व्यक्ति से व्यक्ति, सतह और हवा के माध्यम से संक्रमित भी होता है ।
इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को संक्रमित होने का आभास तब होता है जब यह मनुष्य के शरीर में घर कर जाता है, हालांकि अभी रिकवरी रेट में लगातार बढ़ोतरी हुई है परंतु इसकी कोई दवा मौजूद नहीं है ।

बात अगर भारत की करें तो स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, बल्कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, यह और विकट और भयंकर होती जा रही है । सिर्फ राजधानी दिल्ली में अभी 1 लाख 46 हजार लोग कोरोना से संक्रमित हैं और यह आंकड़ा लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है । हर दिन भारत में लगभग 40 से 50 हजार या इससे अधिक मामले सामने आ रहे हैं । 
इस वायरस की चपेट में आने वाला व्यक्ति तेज़ बुखार के साथ-साथ खांसी और सांस की तकलीफ़ जैसे लक्षणों का अनुभव करता है । कुछ मामलों में पीड़ित रोगी की दस्त और उल्टी की भी हालत बनी रहती है । इस वायरस का मानव शरीर में रहने का समय 14 से 18 दिन का होता है और यही चिंता की बात भी है क्योंकि संक्रमित रोगी में लक्षण तब नज़र आने लगते हैं, जब कोरोना शरीर में फैल चुका होता है ।

वायरस के लक्षण 

अब यह वायरस अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर रहा है । अधिकांश संक्रमित लोगों को अलग तरह के और हल्के लक्षण दिख रहे हैं और फिर एकदम से उनकी मौत हो रही है, लेकिन यदि उनको सही समय पर सही उपचार मिल जाए तो वह अस्पताल में भर्ती हुए बिना ठीक हो जाएंगे ।
सामान्य लक्षण :
1. बुखार ।
2. सूखी खांसी ।
3. थकान ।

हल्के सामान्य लक्षण :
1. दर्द एवं पीड़ा ।
2. गले में खराश ।
3. दस्त ।
4. आँख आना ।
5. सरदर्द ।
6. स्वाद या गंध का चला जाना  ।
7. त्वचा पर एक दानेया उंगलियों या पैर की उंगलियों को काटना ।

बेहद गंभीर लक्षण :
1. सांस लेने में कठिनाई या सांस की तकलीफ ।
2. सीने में दर्द या दबाव ।
3. बोलने और चलने-फिरने में परेशानी ।

अगर आपके पास गंभीर लक्षण हैं, तो तत्काल चिकित्सा की तलाश करें । हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य सुविधा पर जाने से पहले फोन करें । हल्के लक्षण वाले लोग जो अन्यथा स्वस्थ हैं उन्हें घर पर अपने लक्षणों का प्रबंधन करना चाहिए । लक्षण दिखने में औसतन 5 से 6 दिन लगते हैं जब कोई वायरस से संक्रमित होता है, हालांकि इसमें 14 दिन तक का समय भी लग सकता हैं ।

रोकथाम 

अभी तक इस वायरस से बचाव करने वाली कोई दवा या टीका नहीं बना है, हालाँकि तकनीक और आधुनिक चिकित्सा के चलते कईं टीके और विशेष उपचार मौजूद हैं । लेकिन कुछ सावधानियों का ध्यान रखते हुए इस वायरस से रोकथाम कर सकते हैं ।
यह बात हर किसी को समझ लेनी चाहिए कि अब कुछ समय तक सभी को सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता का पालन करके ही जीवन जीना है । हाथों को धोते रहना है और यही कोरोना वायरस से बचे रहने का सबसे उत्तम उपाय है : 

जब भी कहीं बाहर से आएं, किसी से हाथ मिलाएं या किसी के नज़दीक जाएं तो फौरन हाथों को हैंड वॉश, साबुन से धोएं । 
कोशिश करें कि हाथ न मिलाएं, किसी के नज़दीक न जाएं । 
हाथों से नमस्ते करें, चाहकर भी हाथ मिलाने से बचें । 
अगर छीकें या खांसी आ रही है तो मास्क लगाना अनिवार्य है । 
अगर छींके या खांसी नहीं आ रही तो बेवजह मास्क न लगाएं । 
घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें । 
कुछ समय के लिए किसी भी प्रकार की भीड़ में जानें से बचें, जैसे - शादी, शोक सभा, बाज़ार आदि । 
 

वैक्सीन कितनी सफल ?

कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर यूं तो पिछले कईं महिनों से अफवाहें उड़ रही थी, परंतु अब उम्मीद लगाई जा रही है । विदेशों में जहां इस वायरस की वैक्सीन खोजने का दावा किया गया है वहीं भारत में भी स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल दिल्ली के एम्स अस्पताल में शुरु हो गया है । भारत के 14 संस्थानों में यह वैक्सीन मानव परिक्षण के लिए आजमाई जा रही है । 
देश में बनी यह कोरोना वैक्सीन अभी तक अपने 2 ट्रायल से गुज़र चुकी है और अब इसका तीसरा ट्रायल होने जा रहा है । बता दें कि पहले दो ट्रायल में यह 100 फिसदी सही साबित हुई है । प्राइवेट कंपनियां सितंबर महिने से इस वैक्‍सीन का बड़े पैमाने पर प्रॉडक्‍शन शुरू करेंगी । यह वैक्‍सीन अभी तक ह्यूमन ट्रायल में पूरी तरह सुरक्षित साबित हुई है । 
आज से जब यह वैक्सीन मरीजों को दी जाएगी, उसके बाद उनकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी । स्टेज 1 और स्टेज 2 में आमतौर पर वैक्‍सीन को सुरक्षा के पैमाने पर जांचा जाता है ताकि स्टेज 3 में बड़े ग्रुप पर ट्रायल किया जा सके ।
इस वैक्सीन को यह कंपनी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बना रही है । सीरम नाम की यह दवा कंपनी पूरी दुनिया में अपने टीके और डोज बनाने के लिए जानी जाती है । कंपनी का कहना है कि अगर ट्रायल सफल रहा तो हम पहले छह महीनों में 50 लाख से लेकर 1 करोड़ डोज़ हर महीने तैयार करेंगे ।

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