रात के समय पीठ दर्द से कैसे पाए छुटकारा | पीठ दर्द: कारण और निवारक उपाय

रात के समय पीठ दर्द से कैसे पाए छुटकारा | पीठ दर्द: कारण और निवारक उपाय

पीठ में होने वाले दर्द की समस्या काफी पीड़ादायक होती है, एक बार यह समस्या होने लग जाए तो इससे छुटकारा पाना काफी मुश्किल होने लगता है। पीठ में होने वाले की वजह से उठने, बैठने, चलने, और यहाँ तक कि लेटने में भी काफी समस्या होती है। पीठ में होने वाला दर्द न केवल हमारी दिनचर्या को प्रभावित करता है बल्कि यह कई गंभीर रोगों की ओर भी इशारा करता है, जैसे किडनी फेल्योर। लगातार पीठ में होने वाला दर्द किडनी फेल्योर का एक आम लक्षण है जो पीठ में ऊपर से लेकर पीठ के निचले हिस्से में दिखाई देता है। पीठ के निचले हिस्से में होने वाला दर्द बाकी पीठ दर्द से काफी खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह कई गंभीर समस्याओं की ओर साफ़ इशारा करता है। पीठ से जुड़ा एक ऐसा ही दर्द है जो कि रात के समय होता है, इसलिए इसे रात का पीठ दर्द भी कहा जाता है। चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

रात के समय पीठ दर्द क्या है? What Is Night time Back Pain?   

अधिकांश लोगों को पीठ में होने वाला दर्द दिन के समय होता है और उन्हें सोने में या लेटने में कोई समस्या नहीं होती। लेकिन कुछ लोगों को पीठ के दर्द साथ रात के समय लेटने में या किसी भी समय लेटने में समस्या होती है, इसे ही रात के समय पीठ दर्द कहा जाता है। इसमें कुछ लोगों को पीठ के दर्द के साथ लेटने में समस्या होती है वहीं कुछ लोगों को यह दर्द लेटने के बाद शुरू होता है जिसकी वजह से वह ठीक से लेट नहीं पाते और अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते। पीठ में होने वाला यह दर्द कुछ लोगों में काफी पीड़ादायक होता है तो वहीं कुछ लोगों में इससे ज्यादा समस्या नहीं होती। जबकि कुछ लोगों में यह दर्द लेटने के समय के साथ-साथ बढ़ता रहता है। अंग्रेजी में रात के दर्द को दो नाम से जाना जाता है Nighttime Back Pain और Nocturnal Pain, लेकिन दोनों अर्थ एक ही है – पीठ का दर्द। 

रात के समय पीठ दर्द क्यों होता है? Why does back pain occur at night?

रात के समय पीठ दर्द आमतौर पर किसी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का संकेत नहीं होता है। लेकिन काफी बार इसके होने का साफ़ मतलब है कि आपको आने वाले समय में कुछ गंभीर स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। आमतौर पर रत के समय पीठ का दर्द निम्नलिखित कारणों के चलते होता है :- 

खिंचाव या मोच – पीठ के निचले हिस्से यानि काठ में खिंचाव और मोच होने की वजह से रत के समय पीठ का दर्द होने की समस्या हो सकरी है। काठ में मोच की समस्या तब होती है जब मांसपेशियां या स्नायुबंधन बहुत दूर तक खिंच जाते हैं। इस तरह की चोटें बहुत आम हैं।

एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस (एएस) –  गठिया का यह दुर्लभ रूप पीठ और गर्दन में लगातार सूजन का कारण बनता है। उचित और नियमित व्यायाम करने से इस एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस (एएस) और इसकी वजह से होने वाले पीठ के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन फिर भी काफी बार रात के समय इससे समस्या होने की आशंका बनी रहती है। 

स्पाइन ऑस्टियोआर्थराइटिस – रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कोई समस्या होने की वजह से रात के समय पीठ में दर्द हो सकता है। ऐसा रीड में हुई हल्की सी टूट-फूट से भी हो सकता है। इसके अलावा अगर आप अपनी कमर से ज्यादा सक्रिय नहीं है तो भी आपको यह समस्या हो सकती है।  

कटिस्नायुशूल – सोने की कुछ स्थितियाँ कटिस्नायुशूल तंत्रिका को बढ़ा सकती हैं। इस तरह का दर्द अक्सर आपके पैरों पर भी बुर असर डालता है। 

स्पाइनल ट्यूमर – अगर किसी व्यक्ति को रीढ़ पर ट्यूमर की समस्या हो जाए तो उसकी वजह से रात के समय पीठ में दर्द की समस्या हो सकती है। वैसे रीढ़ पर ट्यूमर या वृद्धि होना काफी दुर्लभ है।

स्पाइनल स्टेनोसिस – यह स्थिति रीढ़ की हड्डी के स्तंभ को संकुचित करती है और नसों को संकुचित कर सकती है। इस वजह से होने वाला पीठ का दर्द न केवल रात के समय होता है बल्कि दिन भर भी रह सकता है। 

किडनी फेल्योर – किडनी खराब होने की वजह से पीठ में दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसा न केवल रात के समय बल्कि दिन में भी हो सकता है। किडनी से जुड़ी कई समस्याओं में पीठ में दर्द होने की समस्या सबसे आम समस्या है। 

इन सभी के अलावा कैंसर, गर्भावस्था इन्फेक्शन और किसी चोट की वजह से भी रात के समय पीठ दर्द की समस्या हो सकती है। 

क्या रात के समय पीठ दर्द किसी गंभीर बात का संकेत हो सकता है? Can Nocturnal Back Pain Be a Sign of Something Serious? 

हाँ, ऐसा होना संभव है। अगर आपको रत के समय पीठ दर्द की समस्या हो रही है तो आपको इस बारे में तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए, आपने इसकी गंभीरता के बारे में ऊपर अभी पढ़ा भी है। रात में पीठ दर्द स्पाइनल ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। यह एक प्राथमिक ट्यूमर हो सकता है, एक जो रीढ़ में उत्पन्न होता है, या यह एक मेटास्टेटिक ट्यूमर हो सकता है, जो कि कैंसर के परिणामस्वरूप होता है जो शरीर में कहीं और शुरू होता है और फिर रीढ़ तक फैल जाता है।रात में पीठ दर्द भी रीढ़ की हड्डी में संक्रमण (ऑस्टियोमाइलाइटिस) और एंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस (एएस) का एक लक्षण है, एक ऐसी स्थिति जिसके कारण रीढ़ एक निश्चित, स्थिर स्थिति में फ्यूज हो सकती है।

इन सभी के अलावा रात के समय पीठ का दर्द निम्नलिखित समस्याओं की ओर भी इशारा करता है :- 

  1. गंभीर बुखार – टाइफाइड, डेंगू आदि 

  2. पीठ दर्द जो एक या दोनों पैरों तक फैल जाता है

  3. आपके पेट में दर्द या धड़कन

  4. अस्पष्टीकृत वजन घटाने

  5. कैंसर का इतिहास

  6. कमजोरी, सुन्नता, या पैरों में झुनझुनी

  7. आंत्र या मूत्राशय पर नियंत्रण के साथ नई समस्याएं

  8. एक दबी हुई प्रतिरक्षा प्रणाली का इतिहास

  9. आघात का इतिहास 

  10. गंभीर किडनी रोग – इतिहार या भविष्य का संकेत 

रात के समय पीठ दर्द का निदान कैसे किया जा सकता है? How can night time back pain be diagnosed?

किसी भी समस्या से छुटकारा पाने के सबसे जरूरी है कि समस्या के कारण के बारे में पता लगाया जाए और साथ ही लक्षणों की भी पहचान की जाए। एक बार इन दोनों की पहचान करने के बाद इस बारे में आप डॉक्टर से बात करें और इसका उपचार लेना शुरू करें। रात के समय पीठ दर्द होने पर आप निम्नलिखित बातों पर खास ध्यान दें :- 

  1. पीठ का दर्द कब शुरू होता है और कब तक रहता है 

  2. क्या पीठ दर्द से स्थिति गंभीर बनी रहती है या समय के साथ गंभीर बनती है 

  3. पीठ दर्द के साथ-साथ क्या कमर में जलन होती है 

  4. पीठ दर्द की वजह से क्या धड़कन बढती है 

  5. क्या पीठ दर्द की वजह से सुन्नता या झुनझुनी होती है 

यह छोटी-छोटी बातें रात के समय होने वाले पीठ दर्द से जल्द छुटकारा दिलाने में और डॉक्टर को उचित उपचार देने में काफी मददगार साबित हो सकती है। लक्षणों के अलावा इन कुछ खास बिन्दुओं के बारे में जानकारी लेने के बाद डॉक्टर आपको निम्नलिखित जांच करवाने के लिए सलाह दे सकते हैं :- 

तंत्रिका संबंधी परीक्षण – तंत्रिका संबंधी परीक्षण में मांसपेशियों की ताकत और त्वचा की संवेदना को यह देखने के लिए मापते हैं कि दर्द रीढ़ या तंत्रिका से संबंधित है या नहीं। 

इमेजिंग परीक्षण – तंत्रिका संबंधी परीक्षण के अलावा डॉक्टर आपको इमेजिंग परीक्षण, जैसे कि एमआरआई या सीटी स्कैन भी करवाने की सलाह दे सकते है। इन जांचों से कैंसर, संक्रमण या फ्रैक्चर के बारे में जानकारी ली जाती है। इनके इतर 

एक पूर्ण रक्त गणना – डॉक्टर आपको पूर्ण रक्त गणना करवाने के लिए भी कह सकते हैं। ऐसा तब होता है जब डॉक्टर को संदेह हो कि आपको कोई संक्रमण या अस्पष्टीकृत वजन घटाने है, जो कैंसर या सूजन संबंधी गठिया की समस्या हो रही है, जिसके चलते आपको रात के समय पीठ दर्द की समस्या हो रही है। 

रात के समय होने वाले पीठ दर्द को कैसे कम करें?  How to reduce Nighttime Back Pain?    

अगर आप रात के समय पीठ दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं तो आप निम्न वर्णित उपायों को अपना सकते हैं :- 

अपने गद्दे को अपग्रेड करें – एक स्प्रिंगदार पुराना गद्दा पीठ दर्द को बदतर बना सकता है। लेकिन एक सुपर-फर्म गद्दा सबसे अच्छा समाधान भी नहीं हो सकता है। अपनी रीढ़ को ठीक से संरेखित रखने के लिए आपको एक ऐसे गद्दे की आवश्यकता होगी जो बिल्कुल सही हो। इसका मतलब है कि सभी के लिए कुछ अलग है लेकिन मध्यम-फर्म गद्दे आमतौर पर एक अच्छा विकल्प है। इष्टतम मजबूती के लिए अपने गद्दे को हर आठ साल में बदलें या जब यह शिथिल होने लगे तो समर्थन के लिए गद्दा टॉपर का प्रयोग करें।

बॉडी पिलो प्रयोग करें – लुइसियाना के लाफायेट में आर्थोपेडिक भौतिक चिकित्सा में नैदानिक ​​​​विशेषज्ञ माल्टन ए। शेक्सनाइडर, पीटी, एमएमएससी का कहना है कि पीठ दर्द वाले कई लोग समर्थन के लिए शरीर के तकिए के साथ अच्छा करते हैं। वह कहते हैं कि "लगभग 5 से 6 फीट लंबाई के शरीर के तकिए का उपयोग करें, लेकिन इसे प्रभावी ढंग से उपयोग करें।" "इसे अपने घुटनों के बीच रखें, इसे अपनी सूंड के साथ आराम करने की अनुमति दें ताकि आप एक अर्ध-पक्ष की स्थिति में हों।" इससे आपकी पीठ से कुछ दबाव हटेगा।

जिम जाना शुरू करें – नियमित शारीरिक गतिविधि करना अधिक नींद लेने का एक आजमाया हुआ और सही तरीका है। योग और हल्की स्ट्रेचिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से तनाव कम करने में दर्द कम करने और आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिल सकती है। कई योग मुद्राएं आपकी कोर और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करती हैं जो रीढ़ पर दबाव को कम करने और सोते समय मांसपेशियों की ऐंठन को खत्म करने में मदद करती हैं। सुरक्षा उपायों पर चर्चा करने के लिए कोई भी नया व्यायाम करने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें।

हीटिंग पैड का उपयोग – गर्मी कठोर मांसपेशियों को ढीला करने में मदद करती है और दर्द को कम कर सकती है। सोने से पहले कठोर दर्द वाली मांसपेशियों को शांत करने के लिए हीटिंग पैड का उपयोग करें। जलने से बचने के लिए सोने से पहले बस हीटिंग पैड को बंद कर दें।

डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें – यदि पीठ की समस्या बनी रहती है, तो अपने सोने के समय की दिनचर्या में एक गैर-आदत बनाने वाली दवा को शामिल करने की संभावना के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। इबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी ओवर-द-काउंटर दवाएं आपको सो जाने और सामान्य नींद पैटर्न विकसित करने में मदद करने के लिए पर्याप्त दर्द को कम करने में मदद कर सकती हैं। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि दवाएं दर्द से निपटने में मदद करने के लिए समाधान नहीं हैं और इसका उपयोग केवल आपके डॉक्टर के निर्देशन में किया जाना चाहिए। 

ध्यान दें, इन सभी उपायों का प्रयोग करते हुए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं और किसी भी दवा का प्रयोग करने से पहले अपनी डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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Mr. Ravi Nirwal

Mr. Ravi Nirwal is a Medical Content Writer at IJCP Group with over 6 years of experience. He specializes in creating engaging content for the healthcare industry, with a focus on Ayurveda and clinical studies. Ravi has worked with prestigious organizations such as Karma Ayurveda and the IJCP, where he has honed his skills in translating complex medical concepts into accessible content. His commitment to accuracy and his ability to craft compelling narratives make him a sought-after writer in the field.

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