टोमैटो फ्लू क्या है? कारण, लक्षण और उपचार | Tomato Flu in Hindi

शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए अक्सर डॉक्टर हमें सलाद लेने की सलाह देते हैं और सलाद का सबसे अहम् हिस्सा होता है टमाटर। लेकिन हाल के दिनों में टमाटर हमारे स्वास्थ्य को सुधारने और हमारे खाने के स्वाद को बढ़ाने की हमें डराने में लगा हुआ है। हम यहाँ लगातार टमाटर के बढ़ते दामों के बारे में बात नहीं कर रहे हैं बल्कि दक्षिण भारत में फ़ैल रहे “टमाटर फ्लू” यानि टोमैटो फ्लू के बारे में बात कर रहे हैं। अभी पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ ही रही है कि ऐसी और कई बीमारियाँ सामने आ रही है जिससे लोगों में लगातार खौफ़ पैदा हो रहा है, टोमैटो फ्लू जिसमें से एक हैं। इस लेख के जरिये हम टोमैटो फ्लू के बारे में विस्तार से जानेंगे जिसमें टोमैटो फ्लू के लक्षण, टोमैटो फ्लू के कारण और सबसे जरूरी टोमैटो फ्लू के इलाज के बारे में बात करेंगे। 



टोमैटो फ्लू क्या है? What is Tomato Flu?

टोमैटो फ्लू एक वायरल बीमारी है जिसके परिणामस्वरूप शरीर के कई हिस्सों पर छाले/चकत्ते, त्वचा में जलन, और बच्चों में निर्जलीकरण की समस्याएँ होती है। यह वायरल बीमारी ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होती है। चूँकि, इस दौरान बच्चे के शरीर में बने छाले, चकत्ते, या फफोले और बच्चे का शरीर टमाटर की तरह लाल हो जाता है इस कारण इस वायरल बुखार का नाम टमाटर फ्लू यानि टोमैटो फ्लू रखा गया गया है।

हालांकि, टमाटर बुखार का प्रेरक एजेंट डेंगू बुखार से संबंधित है या चिकनगुनिया (एक वायरल बुखार) अनिश्चित बना हुआ है। 

टोमाटो फ्लू का टमाटर से क्या संबंध है? What does tomato have to do with Tomato Flu?

यदि आप टोमैटो फ्लू नाम सुनने के बाद टोमैटो फ्लू और टमाटर के बीच में कोई संबंध ढूंढ रहे हैं तो हम आपको सलाह देंगे कि आप बेकार में कोई कोशिश न करें, क्योंकि दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है। 

दरअसल, टोमैटो फ्लू होने पर रोगी के शरीर पर टमाटर जैसे लाल रंग के फफोले या निशान हो जाते हैं। इसी कारण से इस संक्रमण का नाम टोमैटो फ्लू रखा गया है।

टोमैटो फ्लू के कारण क्या हैं? What are the causes of tomato flu?

रोग के कारण अभी भी अज्ञात हैं। स्वास्थ्य अधिकारी अभी भी टोमैटो फ्लू के कारणों की जांच कर रहे हैं। इसके पीछे कई विशेषज्ञ डेंगू या चिकनगुनिया को कारण बता रहे हैं। हालांकि यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि, टमाटर बुखार एक प्रकार का फ्लू है जो केवल छोटे बच्चों पर हमला करता है।

बीमारी को खतरनाक बनने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है। हालांकि, यह बीमारी मुख्य रूप से केरल में फैली है। लेकिन देश का स्वास्थ्य मंत्रालय इसे लेकर चिंतित है। जिसके तहत कई राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है। 

टोमैटो फ्लू के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of tomato flu?

फिलहाल तक सामने आए मामलों के अनुसार टोमैटो फ्लू के लक्षण निम्न प्रकार दिखाई दे सकते हैं :-    

  1. तेज बुखार 

  2. बड़े फफोले, टमाटर के आकार का जो लाल रंग का होता है

  3. चकत्ते

  4. त्वचा में खराश

  5. निर्जलीकरण

  6. शरीर में दर्द

  7. जोड़ों में सूजन

कुछ रोगियों में निम्न लक्षण भी दिखाई दियें है जो कि टोमैटो फ्लू की गंभीरता को दर्शाते हैं :-

  1. हाथों, घुटनों और नितंबों का मलिनकिरण

  2. मतली आना

  3. उल्टी आना

  4. पेट में ऐंठन हो जाना

  5. थकान बने रहना 

  6. सामान्य से ज्यादा खाँसना

  7. छींक आना

अगर आपके बच्चे की उम्र पांच वर्ष या उसके करीब है और आप अपने बच्चे में उपरोक्त लक्षण देखते हैं तो आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में बात करनी चाहिए। 

टमाटर फ्लू का निदान कैसे किया जा सकता है? How can tomato flu be diagnosed?

यहां सूचीबद्ध लक्षणों वाले मरीजों को जीका वायरस, चिकनगुनिया और डेंगू के निदान के लिए आणविक और सीरोलॉजिकल परीक्षणों (molecular and serological tests) से गुजरना चाहिए।

इसके अलावा श्वसन के नमूने (Respiratory Samples) और मल नमूने (Fecal Samples) के जरिए आसानी से टोमैटो फ्लू के बारे में पता लगाया जा सकता है। लेकिन संक्रमित होने की आशंका होने पर (लक्षणों के आधार पर) 48 घंटे के अंदर ही नमूने दिए जाने चाहिए।

लेंसेट ने दी चेतावनी 

द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन (The Lancet Respiratory Medicine) ने 17 अगस्त को प्रकाशित अपनी पत्रिका में चेतावनी देते हुए छापा है कि यदि इस संक्रमण को नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे व्यस्क भी जल्द से संक्रमित होना शुरू हो सकते हैं। 

इस बारे में छापते हुए लेंसेट ने लिखा, ‘‘बच्चों को टोमेटो फ्लू होने का अधिक खतरा है, क्योंकि इस आयुवर्ग में वायरल संक्रमण सामान्य बात है और करीबी संपर्क से यह फैल सकता है। छोटे बच्चों को नैपी के इस्तेमाल, गंदी सतहों को छूने और चीजें सीधे मुंह में डालने से भी संक्रमण का खतरा है। अगर बच्चों में टोमेटो फ्लू के प्रकोप को नियंत्रित नहीं किया जाता तो वयस्कों में भी संक्रमण फैल सकता है और गंभीर परिणाम आ सकते हैं।’’

क्या टोमैटो फ्लू संक्रामक है? Is Tomato Flu Contagious?

फ्लू के अन्य मामलों की तरह, टोमैटो फ्लू भी संक्रामक है। आपको जानकार हैरानी होगी कि टोमैटो फ्लू एक छूत की बीमारी है जो छूने से फैलती है। इसलिए अगर आपके आसपास कोई इस बीमारी से पीड़ित है तो उससे दूरी बनाकर रखें और खासकर बच्चों को मरीज के करीब न आने दें। यह गलती आपके बच्चे को भारी पड़ सकती हैं। अगर आपका बच्चा इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ गया है तो ऐसे में उसे सबसे अलग रखें और उसके करीब कम से काम जाएं। फ़िलहाल, यह लेख लिखे जाने तक राहत की बात यह कि अभी तक टोमैटो फ्लू से किसी की जान नहीं गई है। 

क्या चिंता का कोई कारण है? Is there any cause for concern?

हालांकि यह निस्संदेह संक्रामक है, स्वास्थ्य अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यह घातक नहीं है और इसका इलाज किया जा सकता है। हालांकि, संक्रमित बच्चे के साथ निकट संपर्क से बचने की सलाह दी जाती है।

टोमैटो फ्लू का इलाज क्या है? What is the treatment for tomato flu?

वर्तमान में, टोमैटो फ्लू के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। इसलिए, इस रोग को केवल लक्षणात्मक रूप से प्रबंधित किया जा सकता है।   

अगर आपके बच्चे को टोमैटो फ्लू हो गया है तो आप अपने घर के अंदर और आसपास साफ-सफाई रखें। बच्चे के शरीर पर लाल चकत्ते होने पर उसे खुजलाना बंद कर दें। अपने स्वस्थ बच्चों को संक्रमित मरीजों से दूर रखें और उनके सामान का इस्तेमाल करने से बचें। एक्सपर्ट्स की माने तो इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या है कि इसमें रोगी के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसको ध्यान में रखते हुए रोगी के शरीर में पानी की कमी को दूर करते रहना होगा। फलों का जूस पीते रहें, शरबत पियें और शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए पानी पीते रहें। अगर आपका बच्चा पानी नहीं ले रहा है तो ऐसे में उसे अस्पताल में भर्ती करा कर ड्रिप लगाईं जा सकती है। 

जब आपका बच्चा टोमैटो फ्लू से संक्रमित हो जाए तो क्या करें? What to do when your child gets infected with tomato flu?

अगर आपका बच्चा टोमैटो फ्लू से संक्रमित हो गया है तो निम्नलिखित बातों का खास ध्यान रखें :-

  1. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

  2. उचित स्वच्छता बनाए रखें

  3. अपने बच्चे को फफोले खरोंचने न दें

  4. अपने बच्चे को उबला हुआ पानी पिलाकर उसे हाइड्रेटेड रखें

  5. बच्चे को नहलाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें

  6. संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें

  7. फ्लू को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित बच्चे द्वारा उपयोग किए जाने वाले कपड़े, बर्तन और अन्य सामान को अलग से साफ करना चाहिए

टोमैटो फ्लू होने पर कौन से घरेलू उपाय पाएं? What are the home remedies for tomato flu?

बिलकुल नहीं, अगर आपका टोमैटो फ्लू से जूझ रहा है तो आपको कोई भी घरेलु उपाय नहीं अपनाना चाहिए। फिलाहल, इस गंभीर बुखार के बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं हैं, जिसकी वजह से बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के उठाया गया कदम गंभीर परिणाम खड़े कर सकता है। 

बल्कि, टमाटर बुखार के लक्षणों को जानें और देखते ही तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। त्वचा पर लाल छाले, त्वचा में जलन, जोड़ों में दर्द, नाक बहना, तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी, खांसी, शरीर में दर्द, छींक आना, दस्त और थकान इसके लक्षण हैं। 

टमाटर फ्लू होने पर बच्चे को ज्यादा पानी पीना पड़ेगा। अगर आप पानी पी सकते हैं, तो कई समस्याएं हल हो जाएंगी। इसके अलावा रैश-आउट एरिया को भी धीरे से साफ करना चाहिए। अगर शरीर पर दोबारा घाव हो जाए तो सावधान हो जाएं। लेकिन उस रैश को अपने नाखूनों से किसी भी तरह से न खुजलाएं। ऐसे में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। ऐसे में सावधान रहने के अलावा कोई चारा नहीं है।

टोमाटो फ्लू से कैसे बचें? How to Avoid Tomato Flu?

टोमाटो फ्लू से अपना और अपने बच्चों का बचाव करना बहुत ही आसान है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी में मृत्यु दर बहुत कम है और इसका आसानी से इलाज हो सकता है। तो ऐसे में आप टोमाटो फ्लू से बचाव के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं :-

  1. दिन भर में कम से कम दो लीटर पानी लें, इसके अलावा अन्य पेय उत्पादों का सेवन भी कर सकते हैं, जैसे – ताजा जूस और नारियल पानी 

  2. यदि संभव हो तो ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी लें

  3. अगर फफोले हो गए हैं तो उन्हें छूने से बचें

  4. अपनी और बच्चों की साफ-सफाई का खास ख्याल रखें

अगर आपके घर में कोई टोमाटो फ्लू से संक्रमित हो गया है तो निम्नलिखित कदम उठाएं :

  1. टोमाटो फ्लू से संक्रमित व्यक्ति/बच्चे से उचित दूरी बनाकर रखें

  2. संक्रमित के पास जाने से पहले मास्क और दस्तानों का उपयोग करें 

  3. संक्रमित के आसपास साफ़-सफाई का खास ख्याल रखें 

  4. सेनीटाईजार का उपयोग करें और हाथ को समय-समय पर धोते रहें

  5. संक्रमित बच्चों के खिलौने, कपड़े, खाना और अन्य वस्तुओं को दूसरे बच्चों के साथ साझा न करें

  6. संक्रमित होने के दौरान और संक्रमण से ठीक होने के बाद शरीर को आराम दें, कुछ ऐसा काम न करें जिससे थकान, बुखार और अन्य कोई शारीरिक समस्या हो जाए

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