सर्जरी के बाद, शल्य-स्थल (सर्जिकल साइट) की उचित देखभाल उपचार सुनिश्चित करने और संक्रमण को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शल्य-उपरांत स्वच्छता उन सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है, जिन्हें रोगी घर पर अपनाकर रिकवरी को बेहतर बना सकते हैं और जटिलताओं से बच सकते हैं।¹
शल्य-उपरांत स्वच्छता का महत्व
सर्जरी के बाद घाव को साफ रखना बहुत आवश्यक है, क्योंकि इससे निम्नलिखित में मदद मिलती है:²

पॉविडोन-आयोडीन के साथ शल्य-उपरांत घाव की देखभाल
पॉविडोन-आयोडीन (PVP-I), या Betadine, शल्य-घावों की सफाई के लिए सामान्यतः उपयोग किया जाने वाला एंटीसेप्टिक है। यह घाव के आसपास मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और फंगस जैसे कीटाणुओं को कम करने में मदद करता है, जिससे संक्रमण की संभावना घटती है।⁴

• घाव की ड्रेसिंग शुरू करने से पहले, साबुन और पानी से अपने हाथ अच्छी तरह धोएँ।
• साफ गॉज़ का उपयोग करते हुए PVP-I घोल से घाव के आसपास की त्वचा को धीरे-धीरे साफ करें।
• ज़ोर से रगड़ें या अधिक दबाव न डालें, क्योंकि इससे भरते हुए ऊतकों को नुकसान पहुँच सकता है।
• सफाई के बाद, घाव पर PVP-I मरहम/क्रीम की पतली परत लगाएँ।
• घाव को सुरक्षित रखने और भरने में सहायता के लिए साफ, स्टेराइल ड्रेसिंग से ढक दें।
ड्रेसिंग को डॉक्टर की सलाह के अनुसार बदलें—आमतौर पर दिन में एक बार या जब भी वह गीली या गंदी हो जाए। ड्रेसिंग बदलते समय हमेशा साफ, स्टेराइल सामग्री का उपयोग करें। PVP-I घोल या मरहम/क्रीम का सही तरीके से उपयोग करने पर यह घाव-देखभाल के लिए सुरक्षित है और तेज़ उपचार में सहायक होता है।⁵
असामान्य लक्षणों की पहचान और रिपोर्टिंग⁷
घाव के आसपास थोड़ी लालिमा और हल्की असुविधा उपचार प्रक्रिया के दौरान सामान्य होती है। हालांकि, लालिमा का बढ़ना, सूजन, मवाद, दुर्गंध, या बढ़ता हुआ दर्द संक्रमण के संकेत हैं। बुखार या ठंड लगना फैलते हुए संक्रमण का संकेत हो सकता है, जिसके लिए तुरंत चिकित्सकीय ध्यान आवश्यक है। यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो शीघ्र अपने स्वास्थ्य-सेवा प्रदाता से संपर्क करें। समय पर हस्तक्षेप गंभीर जटिलताओं को रोकने और तेज़ रिकवरी में मदद करता है।
सफल उपचार के लिए अंतिम सुझाव
• जब तक अन्यथा सलाह न दी जाए, शल्य-स्थल को सूखा रखें।³
• ऐसी कठोर गतिविधियों से बचें, जो घाव को नुकसान पहुँचा सकती हैं।³
• घाव की निगरानी के लिए फॉलो-अप अपॉइंटमेंट्स में उपस्थित रहें।¹
स्वच्छता बनाए रखकर, घाव की सफाई और ड्रेसिंग के लिए PVP-I जैसे एंटीसेप्टिक्स का उचित उपयोग करके, और किसी भी लक्षण की तुरंत रिपोर्ट करके, आप सही उपचार का समर्थन कर सकते हैं और संक्रमण के जोखिम को कम कर सकते हैं।⁴
References:
1. Yao K, Bae L, Yew WP. Post operative wound management [Internet]. Australian Family Physician. 2013 Dec;42(12):867–70. [cited 2025 Jul 25]. Available from: https://www.racgp.org.au/afp/2013/december/post-operative wound management/
2. Human Care NY. The importance of wound care in postoperative recovery [Internet]. Human Care NY; 2023 [cited 2025 Aug 26]. Available from: https://www.humancareny.com/blog/the-importance-of-wound-care-in-postoperative-recovery
3. Vijayanagar Institute of Medical Sciences. Wash your hands for health: a comprehensive guide [Internet]. Bellary: VIMS; [cited 2025 May 30]. Available from: https://vims.ac.in/vims-hospital/wash-your-hands-for-health-a-comprehensive-guide/
4. Bigliardi PL, Alsagoff SAL, El-Kafrawi HY, et al. Povidone iodine in wound healing: A review of current concepts and practices. Int J Surg. 2017;44:260–8.
5. Care Hospitals. Betadine: Uses, Side Effects, Dosage, Precautions & More [Internet]. [cited 2025 Jul 8]. Available from: https://www.carehospitals.com/medicine-detail/betadine
6. Lachapelle JM, Castel O, Casado AF, et al. Antiseptics in the era of bacterial resistance: a focus on povidone iodine. ClinPract. 2013;10(5):579–92.
7. Cleveland Clinic. Surgical Wound Infection [Internet]. [cited 2025 Jul 25]. Available from: https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/surgical-wound-infection
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