10.10.236.5

शुगर लेवल कम करने के घरेलू उपाय

शुगर लेवल कम करने के घरेलू उपाय

आज  शुगर  को टैबलेट द्वारा कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है और इसी कोशिश मेंलोग ऐसे उत्पादों का सेवन करते हैं, जिससे उनका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहे ।परंतु सच यह है कि तरह-तरह की दवाईयों के सेवन से गैस, अपच, डायरिया और पेट दर्द जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं ।

डब्ल्यूएचओ की पहली ग्लोबल रिपोर्ट बताती है कि इस रोग से पीड़ित रोगियों की संख्या 422 मिलियन से लगभग चौगुनी हो गई है । अधिक वजन और मोटापा इसके प्रमुख कारण हैं । 2012 में सिर्फ इसी रोग के कारण 1.5 मिलियन लोगों की मौत हुई । आज पूरी दुनिया में लगभग 463 मिलियन जनसंख्या इस बीमारी से जूझ रही है और अकेले भारत में इन रोगियों की आबादी 72.96 मिलियन आकीं गई हैं ।

जबकि एक सच यह भी है कि सही डाइट, डॉक्टर द्वारा बताए कुछ घेरलू उपचारऔर कसरत से आप  इसपर कंट्रोल कर सकते हैं ।

कंट्रोल करने के क्या हैं तरीके ?

मेथी दाना

हम सबकी रसोई में मेथी दाना हमेशा उपलब्ध होता है और अगर नहीं है तो बाज़ार से यह 20 से 30 रुपए के भीतर मिल जाता है, यह मेथी दाना हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में रामबाण की भूमिका निभाता है ।

कैसे है फायदेमंद

मेथी दाना फ़ाइबर और सैपोनिन जैसे गुणों से भरपूर होता है और जो कार्बोहाइड्रेट को पचाने और सोखने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है ।

कैसे करें इस्तेमाल

शोध द्वारा यह बात साबित हो गई है कि दिनभर में भोजन करने से 20 मिनट पहले यदि 5 ग्राम मेथी दाने का सेवन कर लिया जाए तोब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है । अगर आप इस रोग को नियंत्रित करने के लिए कोई दवाई या टैबलेट ले रहे हैं, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कि दवा और मेथी दाने के सेवन के बीच कम से कम2 घंटे का अंतर हो ।

क्या न करें ?

यदि कोई गर्भवती महिला इस रोग से ग्रसित है तो मेथी दाने का सेवन वर्जित है, उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करना है क्योंकि इससे उनकी प्रसव पीड़ा बढ़ सकती है ।

जामुन

जामुन इस रोग की दवा के रुप में विश्व विख्यात है । जामुन के बीजों का कईं समय से इस रोग में दवा के रुप मेंइस्तेमाल होता आया है ।

कैसे है फायदेमंद

जामुन के बीज के अंदर जंबोलीन और जंबोसिन जैसे कम्पाउंड होते हैं जो स्टार्च को चीनी के रुप में नहीं बदलने देते, उसकी गति को धीमा कर देते हैं और जामुन के बीज पैनक्रियाज़ से इंसुलिन को निकालने में सहायता भी करते हैं ।प्रतिदिन10 ग्राम जामुन के बीज को पीसकर उसका पाउडर बनाकर खाएं, और डाइट कंट्रोल रखने के साथ शारिरीक कसरत करते रहें । ब्लड शुगर लेवल को कम किया जा सकता है ।

कैसे करें इस्तेमाल

प्रतिदिन200ग्राम पके हुए जामुन को आधा लीटर पानी में उबालें और इसी पानी में उन जामुनों को पीस लें और फिर कुछ देर बाद झानने के बाद इसी पानी को दिन में दो बार पिएं ।

क्या न करें ?

यदि खांसी, बुखार की शिकायत है या फिर कोई महिला गर्भवती हैं, तो इसे न अपनाएं ।

दालचीनी

दालचीनी इस रोग की काट करता है । देखा गया है कि दालचानी का सेवन ब्लड शुगर लेवल को निंयत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।

कैसे है फायदेमंद

दालचीनी का सेवन करने से शरीर की कोशिकाएं ग्लूकोज़ को बहुत सहजता और आसानी से सोखने का कार्य कर लेती है। दालचीनी इंसुलिन गतिविधिको क्रियाशील कर देती है, जिससे ब्लड में शुगर का लेवल कंट्रोल होता है । निष्कर्ष के रुप में अगर कहा जाए तो दालचीनी इंसुलिन को क्षमतायुक्त और मजबूत बनाती है ।ऐसे कईं मामले सामने आए हैं जिनमें दालचीनी के सेवन से टाइप 2 डायबिटीक रोगी को राहत मिली है ।

कैसे करें इस्तेमाल

आधे से एक चम्मच दालचीनी के पाउडर कोगुनगुने पानी के साथ खाली पेट रखते हुए लेना है और आप इसे सुबह और शाम दोनों समय पर पी सकते हैं ।

क्या न करें ?

यदि आपको लिवर संबंधित कोई दिक्कत है तो दालचीनी के इस्तेमाल न करें । आप इस बात का ध्यान रखें कि जिस दालचीनी पाउडर का आप इस्तेमाल कर रहे हो वो कौन सी है ? सिलोन दालचीनी या कैसिया दालचीनी । कैसिया दालचीनी में कॉमरिन नामक तत्व पाया जाता है. जिसको अधिक मात्रा में लेना बहुत नुकसानदेह हो सकता है ।

करेला

करेला इस रोग से ग्रसित लोगों के लिए संजीवनी है, क्योंकि यह इस बीमारी के लिए दवा भी है और भोजन रुपी सब्जी भी है । यदि आप व्रत रखें और उस व्रत में करेले के जूस पीएं तो व्रत से पहले और व्रत के बाद आपके ब्लड शुगर लेवल में नियंत्रण देखा जा सकता है ।

कैसे है फायदेमंद 

दरअसल, करेले के भीतर इंसुलिन रुपी पदार्थ मौजूद होता है जिसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में पॉलीपेप्टाइड-पी भी कहते हैं । यह तत्व बार-बार भूख लगने की आदत को नियंत्रित रखता है ।

कैसे करें इस्तेमाल

प्रतिदिन करेले का जूस पीएं, परंतु उत्साहित होकर इसका अधिक सेवन न करें, आपका पेट खराब हो सकता है, क्योंकि यह भी देखा गया है कि इसके अधिक सेवन से लूज़ मोशन हो जाते हैं ।

क्या न करें ?

गर्भवती महिलाओं के लिए करेले का जूस पीना उचित नहीं है,क्योंकि इससे गर्भपात और ब्लीडिंग होने की संभावना बढ़ जाती है ।

धैर्य बनाएं रखें

अक्सर  लोग सभी निर्देशों का सही तरीके से पालन करते हैं परंतु कुछ समय बाद वह धैर्य खोने लगते हैं और सब कुछ छोड़ देते हैं । इसलिए हमारा आपको यही सुझाव है कि धैर्य रखकर सभी बातों का पालन करते रहें । डायबिटीज का कोई स्थाई इलाज नहीं है, परंतु इसे पूरी तरह कंट्रोल अवश्य किया जा सकता है । 

इस रोग के लिए अभी जितनी भी दवाईयां इजाद की गई हैं, वह सभी इसे नियंत्रित करती हैं न कि ठीक करती हैं । इसे कंट्रोल करने में कुछ समय अवश्य लगता है लेकिन यदि आप डॉक्टरी परामर्श, स्वस्थ जीवन शैली अपनाएंगे तो यह रोग आपको कभी परेशान नहीं करेगा ।