स्तन कैंसर - स्तन कैंसर क्यों होता है, लक्षण, उपचार, दवा

स्तन कैंसर - स्तन कैंसर क्यों होता है, लक्षण, उपचार, दवा

स्तन कैंसर - स्तन कैंसर क्यों होता है, लक्षण, उपचार, दवा

स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम आक्रामक कैंसर है और महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा प्रमुख कारण भी है।

स्तन कैंसर क्या है ?

स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) एक ऐसी बीमारी है जिसमें स्तन में कोशिकाएं (सेल) नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं। स्तन कैंसर विभिन्न प्रकार के होते हैं। स्तन कैंसर का प्रकार इस बात पर निर्भर करता है कि स्तन में कौन सी कोशिकाएँ कैंसर में बदल जाती हैं।स्तन कैंसर की कोशिकाएं आमतौर पर एक ट्यूमर बनाती हैं जिसे एक्स-रे पर देखा जा सकता है या एक गांठ के रूप में महसूस किया जा सकता है। स्तन कैंसर लगभग पूरी तरह से महिलाओं में होता है, लेकिन पुरुषों को भी स्तन कैंसर हो सकता है।यह समझना जरूरी है कि ज्यादiतर स्तन गांठ सौम्य होते हैं न कि कैंसर (घातक)। गैर-कैंसर स्तन ट्यूमर एक असामान्य वृद्धि हैं, लेकिन वे स्तन के बाहर नहीं फैलते हैं। वे जानलेवा नही होते है, लेकिन कुछ तरह के सौम्य स्तन गांठ भी एक महिला को स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ा सकते हैं।  किसी भी स्तन गांठ या बदलाव को स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर द्वारा जांचना जरूरी है ताकि यह पता चल सके की यह सौम्य या घातक (कैंसर) है और क्या यह आपके भविष्य के कैंसर के जोखिम को प्रभावित कर सकता है ?


एक स्तन तीन मुख्य भागों से बना होता है: लोब्यूल, डाक्ट और कनेक्टिवीटी टीस्सू। लोब्यूल वे ग्रंथियां हैं जो दूध का उत्पादन करती हैं। डाक्ट वे नलिकाएं होती हैं जो दूध को निप्पल तक ले जाती हैं। कनेक्टिवीटी टीस्सू (जिसमें रेशेदार और वसायुक्त ऊतक होते हैं) चारों ओर से सब कुछ एक साथ रखता है। अधिकांश स्तन कैंसर डाक्ट या लोब्यूल्स में शुरू होते हैं।कई स्तन कैंसर स्क्रीनिंग मैमोग्राम पर भी पाए जाते हैं, अक्सर उन्हें महसूस किए जाने से, और लक्षण विकसित होने से पहले जो कैंसर के पहले चरण का पता लगा सकते हैं।

स्तन कैंसर कहां से शुरु होता है -

स्तन कैंसर स्तन के अलग-अलग जगह से शुरू हो सकता है - अधिकांश स्तन कैंसर डाक्ट में शुरू होते हैं।कुछ स्तन कैंसर का शुरुआत लोब्यूल से होता है, जिसे लोबयुलर कैंसर कहते है। अन्य प्रकार के स्तन कैंसर भी हैं जो कम आम हैं जैसे कि फीलोड्स ट्यूमर और एंजियोसारकोमा। स्तन के अन्य टीस्सू में कम संख्या में कैंसर शुरू होते हैं। इन कैंसर को सार्कोमा और लिम्फोमा कहा जाता है और असल में इसे स्तन कैंसर नहीं माना जाता है।  


स्तन कैंसर कैसे फैलता है ?

स्तन कैंसर रक्त वाहिकाओं और लिम्फ वेस्सेल्स के माध्यम से स्तन के बाहर फैल सकता है। जब स्तन कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैलता है, तो इसे मेटास्टेसिस कहा जाता है।लिम्फ वेस्सेल्स लिम्फ द्रव को स्तन से दूर ले जाती हैं। स्तन कैंसर के मामले में, कैंसर कोशिकाएं उन लिम्फ वेस्सेल्स में प्रवेश कर सकती हैं और लिम्फ नोड्स में बढ़ने लगती हैं।स्तन कैंसर कोशिकाओं के साथ जितने ज्यादा लिम्फ नोड्स होंगे, कैंसर दूसरे अंगों में पाए जाने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। इस वजह से, एक या ज्यादा लिम्फ नोड्स में कैंसर का पता लगना अक्सर आपकी इलाज को प्रभावित कर सकता है।आमतौर पर, कैंसर फैल गया है या नहीं, यह जानने के लिए आपको एक या अधिक लिम्फ नोड्स को हटाने के लिए सर्जरी की ज़रूरत होगी।


अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के मुताबिक, सभी महिलाएं के लिम्फ नोड्स में कैंसर कोशिकाओ मेटास्टेस विकसित नहीं करती हैं, और कुछ महिलाएं जिनके लिम्फ नोड्स में कैंसर कोशिकाएं नहीं होती हैं, वे बाद में मेटास्टेस विकसित कर सकती है।

स्तन कैंसर के लक्षण -

अलग-अलग लोगों में ब्रेस्ट कैंसर के अलग-अलग लक्षण होते हैं। कुछ लोगों में कोई लक्षण बिल्कुल नहीं होते हैं।

  • स्तन या अंडरआर्म (बगल) में नई गांठ।

  • स्तन के हिस्से का मोटा होना या सूजन होना।

  • स्तन की त्वचा में जलन या डिंपल होना।

  • निप्पल क्षेत्र या स्तन में लाली या परतदार त्वचा।

  • निप्पल में खिंचाव या निप्पल क्षेत्र में दर्द।

  • रक्त सहित स्तन के दूध के अलावा अन्य निप्पल डिस्चार्ज।

  • स्तन के आकार में कोई परिवर्तन।

  • स्तन के किसी भी क्षेत्र में दर्द।


स्तन कैंसर कोमल, नरम, गोल और दर्द रहित भी हो सकते है।ध्यान रखें कि ये लक्षण दूसरे स्थितियों के साथ भी हो सकते हैं जो कैंसर नहीं हैं। स्तन दर्द कैंसर का लक्षण हो सकता है। यदि आपको कोई लक्षण हैं जो आपको चिंतित करते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाए।

स्तन कैंसर के जोखिम कारक -

  • उम्र का बढ़ना- उम्र के साथ स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है; अधिकांश स्तन कैंसर का जाँच 50 वर्ष की आयु के बाद किया जाता है।
  • जेनेटिक म्यूटेशन - बीआरसीए1 और बीआरसीए2 जैसे कुछ जीनों में वंशानुगत परिवर्तन (म्यूटेशन)। जिन महिलाओं को ये जेनेटिक म्यूटेशन विरासत में मिले हैं, उनमें स्तन और ओवेरियन कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
  • रिप्रोडक्टिव हिस्ट्री - 12 साल की उम्र से पहले मासिक धर्म शुरू होने और 55 साल की उम्र के बाद मेनोपौज शुरू होने से महिलाओं को लंबे समय तक हार्मोन का सामना करना पड़ता है, जिससे स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • घने स्तन होना - घने स्तनों में वसायुक्त टीस्सू की तुलना में ज्यादा कनेक्टिवीटी टीस्सू होते हैं, जिससे कभी-कभी मैमोग्राम पर ट्यूमर को देखना कठिन बना सकते हैं। घने स्तनों वाली महिलाओं में स्तन कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है।
  • स्तन कैंसर का व्यक्तिगत इतिहास - जिन महिलाओं को स्तन कैंसर हुआ है, उन्हें दूसरी बार स्तन कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। कुछ गैर-कैंसर वाले स्तन रोग जैसे कि एटिपिकल हाइपरप्लासिया या लोबुलर कार्सिनोमा इन सीटू स्तन कैंसर होने के उच्च जोखिम से जुड़े होते हैं।इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर का फैमिली हिस्ट्री, पहले कभी हुए रेडीयेसन थेरपी से इलाज स्तन कैंसर का ऐसा जोखिम कारक है जिसे हम बदल नही सकते।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होना - जो महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं उनमें स्तन कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है।
  • मेनोपौज के बाद ज्यादा वजन या मोटापा होना - ज्यादा वजन वाली या मोटापे से ग्रस्त वृद्ध महिलाओं में सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में स्तन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।
  • हार्मोन लेना - मेनोपौज के दौरान ली जाने वाली हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों शामिल हैं) के कुछ रूप पांच साल से अधिक समय तक लेने पर स्तन कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। 
  • शराब पीना - अध्ययनों से पता चलता है कि एक महिला को ज्यादा शराब पीने से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।लेकिन ये जोखिम कारक जिसे हम बदल सकते है।

स्तन कैंसर के जोखिम को कैसे कम करे?

स्वस्थ वजन रखें। नियमित रूप से व्यायाम करें।शराब न पिएं, या मादक पेय को सीमित करें।यदि आपका स्तन कैंसर का पारिवारिक इतिहास है या आपके बीआरसीए1 और बीआरसीए2 जीन में वंशानुगत परिवर्तन हैं, तो अपने जोखिम को कम करने के अन्य तरीकों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।अपने लाईफस्टाइल को स्वस्थ्य रखे ।


क्या पुरूषो को भी स्तन कैंसर हो सकता है ?

हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन पुरुषों को भी स्तन कैंसर हो सकता है।सीडीसी के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर ज्यादातर महिलाओं में पाया जाता है, लेकिन पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में निदान किए गए प्रत्येक 100 स्तन कैंसर में से लगभग 1 पुरुष में पाया जाता है।पुरुषों मे भी महिलयो के तरह ही समान्य लक्षण, प्रकार, जांच और इलाज का इस्तेमाल होता है।

स्तन कैंसर के प्रकार ?

स्तन कैंसर के बहुत से प्रकार है लेकिन इनमें से सबसे आम प्रकार हैं -:

1.इनवेसिव डक्टल कार्सिनोमा - इसमे कैंसर कोशिकाएं डाक्ट के बाहर स्तन टीस्सू के दूसरे भागों में विकसित होती हैं। आक्रामक कैंसर कोशिकाएं शरीर के दूसरे भागों में भी फैल सकती हैं या मेटास्टेसाइज कर सकती हैं।

2. इनवेसिव लोबुलर कार्सिनोमा - इसमे कैंसर कोशिकाएं लोब्यूल्स से पास के स्तन के टीस्सू तक फैलती हैं। ये आक्रामक कैंसर कोशिकाएं शरीर के दूसरे भागों में भी फैल सकती हैं।

3. डक्टल कार्सिनोमा इन सीटू (डीसीआईएस) एक स्तन रोग है जो स्तन कैंसर का कारण बन सकता है। कैंसर कोशिकाएं केवल नलिकाओं के अस्तर में होती हैं, और स्तन के दूसरे ऊतकों में नहीं फैलती हैं।

ट्रिपल-नेगेटिव स्तन कैंसर -

ट्रिपल-नेगेटिव स्तन कैंसर एक प्रकार का स्तन कैंसर है जिसमें स्तन कैंसर में आमतौर पर पाए जाने वाले रिसेप्टर्स में से कोई भी नहीं होता है।ये बाकी स्तन कैंसर जैसा नही होता बल्कि थोड़ा अलग होता है ।इसलिये इसका इलाज भी अलग तरीके से होता है, हालाकि कीमोथेरेपी अभी भी इसके लिए एक प्रभावी विकल्प है ।

  • इस स्तन कैंसर मे रोगियों को पहले गांठ को हटाने (लम्पेक्टोमी) या पूरे स्तन को हटाने (मास्टेक्टॉमी) की ज़रूरत पड़ती है। 

  • फिर उनके पास किसी भी कैंसर कोशिकाओं को टारगेट करने के लिए कीमोथेरेपी उपचार होते हैं जिन्हें देखा नहीं जा सकता है- स्तन में बची कोशिकाएं या जो शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं। 

  • कभी-कभी डॉक्टर कैंसर को कम करने के लिए सर्जरी से पहले कीमोथेरेपी की सलाह देते हैं।

स्तन कैंसर का स्क्रीनिंग टेस्ट-

मैमोग्राम -

मैमोग्राम स्तन का एक्स-रे होता है। कई महिलाओं के लिए, मैमोग्राम स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका है, जब इसका इलाज करना आसान होता है और इससे पहले कि यह लक्षणों को महसूस करने या पैदा करने के लिए काफी हो। 

नियमित मैमोग्राम कराने से स्तन कैंसर से मरने का खतरा कम हो सकता है। इस समय, अधिकांश महिलाओं के लिए स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए मैमोग्राम सबसे अच्छा तरीका है।


ब्रेस्ट एमआरआई -

एक स्तन एमआरआई स्तन की तस्वीरें लेने के लिए मैग्नेट और रेडियो तरंगों का उपयोग करता है। मैमोग्राम के साथ एमआरआई का उपयोग उन महिलाओं की जांच के लिए किया जाता है, जिन्हें स्तन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। चूंकि कैंसर न होने पर भी स्तन एमआरआई असामान्य दिखाई दे सकते हैं, इसलिए उनका उपयोग औसत जोखिम वाली महिलाओं के लिए नहीं किया जाता है।इसके अलावा आप खुद भी जांच कर सकते है।आपके स्तन कैसे दिखते और महसूस होते हैं, इससे परिचित होने से आपको गांठ, दर्द या आकार में बदलाव जैसे लक्षणों को नोटिस करने में मदद मिल सकती है। इनमें स्तन स्व-परीक्षा (सेल्फ-एग्ज़ामिन) के दौरान पाए गए बदलाव शामिल हो सकते हैं। आपको अपने डॉक्टर को किसी भी बदलाव की सूचना देनी चाहिए।

स्तन कैंसर का जांच-

1. स्तन अल्ट्रासाउंड - इसमे एक मशीन जो स्तन के अंदर का चित्र बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करती है, जिसे सोनोग्राम कहा जाता है।


2. बायोप्सी - यह एक टेस्ट है जो एक माइक्रोस्कोप के तहत देखने के लिए स्तन से टीस्सू या तरल पदार्थ को निकालता है और टेस्ट करता है। बायोप्सी कई प्रकार की होती हैं (उदाहरण के लिए, फाइन-नीडल एस्पिरेशन, कोर बायोप्सी या ओपन बायोप्सी)।


3. पॉज़िट्रॉन एमिशन मैमोग्राफी - (पीईएम) स्तन का एक नया इमेजिंग परीक्षण है जो पीईटी स्कैन के समान है। एक रेडियोधर्मी कण से जुड़ी चीनी का एक रूप कैंसर कोशिकाओं का पता लगाने के लिए खून में इंजेक्ट किया जाता है।


4. ऑप्टिकल इमेजिंग टेस्ट - इस टेस्ट मे स्तन में प्रकाश डालते हैं और फिर उस प्रकाश को मापते हैं जो ऊतक से लौटता है या गुजरता है। ये तकनीक रेडिएशन का उपयोग नहीं करती है और स्तन संपीड़न की ज़रूरत नहीं होती है।इसके अलावा स्तन एमआरआई और मैमोग्राम का भी इस्तेमाल कर सकते है जांच के लिए ।स्तन इमेजिंग के लिए अब नए तरह के टेस्ट विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ, जैसे ब्रेस्ट टोमोसिंथेसिस (3डी मैमोग्राफी), पहले से ही कुछ जगहों में उपयोग किए जा रहे हैं।

स्तन कैंसर का इलाज -

स्तन कैंसर का इलाज कई तरह से किया जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि ब्रेस्ट कैंसर किस तरह का है और यह कितनी दूर तक फैला है। स्तन कैंसर से पीड़ित लोगों को अक्सर एक से ज्यादा तरह का इलाज मिलता हैं।

सर्जरी - एक ऑपरेशन जहां डॉक्टरों द्वारा कैंसर के टीस्सू को अलग किया जाता है।


1. कीमोथेरेपी - कैंसर कोशिकाओं को सिकोड़ने या मारने के लिए विशेष दवाओं का उपयोग करना। दवाएं आपके द्वारा ली जाने वाली गोलियां या आपकी नसों में दी गई दवाएं, या कभी-कभी दोनों हो सकती हैं।

2. हार्मोनल थेरेपी - इस थेरपी मे कैंसर कोशिकाओं को वे हार्मोन पाने से रोकता है जिससे कैंसर बढ़ते है।

3. बियोलोजिकल थेरपी - कैंसर कोशिकाओं से लड़ने या अन्य कैंसर इलाज से होने वाले दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ काम करता है।

4. रेडिएशन थेरपी - कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए उच्च-ऊर्जा किरणों (एक्स-रे के समान) का उपयोग होता है इस थेरपी मे।

स्तन कैंसर को कौन डॉक्टर इलाज कर सकते है ?

  • स्तन सर्जन या सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट: एक डॉक्टर जो स्तन कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी का उपयोग करता है।
  • रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट: एक डॉक्टर जो कैंसर के इलाज के लिए विकिरण का उपयोग करता है।
  • मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट: एक डॉक्टर जो कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी और अन्य दवाओं का उपयोग करता है।
  • प्लास्टिक सर्जन:  डॉक्टर जो शरीर के कुछ हिस्सों के पुनर्निर्माण या मरम्मत में माहिर होता है।

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Miss. Shefali Gupta

A student of Bachelor of Computer Application (BCA) at Makhanlal Chaturvedi National University of journalism and communication. She has a knack for content writing in both Hindi and English. Shefali writes health content and English to Hindi translation in Medtalks. She likes to learn different coding languages too

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