हाइपरटेंशन प्रकार, लक्ष्ण, कारण, बचाव, उपचार | Hypertension in Hindi

आप हाइपरटेंशन के बारे में क्या जानते हैं? What to know about Hypertension?

उच्च रक्तचाप, हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन नाम तीन लेकिन समस्या एक है। रक्तचाप से जुड़ी यह एक ऐसी समस्या है जिसपर अधिकतर लोग कोई ध्यान नहीं देते, जिसका कारण बस एक है और वो है “कम जानकारी”। ऐसे बहुत ही कम लोग है जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर के बारे में स्पष्ट जानकारी हो। शहरों में वर्तमान समय में हर पांच व्यक्तियों में से एक व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा है अब वो हाई हो या फिर लो। इस लेख में हम हाई ब्लड प्रेशर के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि हाई ब्लड प्रेशर क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या है और इसकी वजह से कौन-कौन सी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?

हाई ब्लड प्रेशर क्या है? 

हमारा दिल पुरे शरीर में रक्त को पंप करता है, ताकि शरीर के सभी अंगों को ऑक्सीजन के साथ-साथ बाकी सभी जरूरी पौषक तत्व मिल सके। दिल के रक्त को पंप करने के दौरान रक्त जिस दबाव से रक्त धमनियों (Blood Arteries) की दीवारों से टकराता है उस दबाव को रक्तचाप यानि ब्लड प्रेशर कहा जाता है। अगर रक्त, रक्त धमनियों की दीवारों पर तेज दबाव बनता है तो उसे हाई ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) कहा जाता है। अगर रक्त धीमी गति या दबाव से रक्त धमनियों की दीवारों से टकराता है तो उसे लो ब्लड प्रेशर कहा जाता है। जब हमारा दिल शरीर में रक्त प्रवाह करने के लिए सिकुड़ता है, उस समय रक्त प्रवाह का दबाव सबसे ज्यादा होता है, इस दबाव के माप को प्रंकूचक (सिस्टोलिक- systolic) दबाव कहा जाता है।

जिस समय दिल रक्त प्रवाह करने के बाद आराम की स्थिति में आता है, उस समय रक्त का दबाव बहुत कम हो जाता है, इस रक्त दबाव माप को प्रसारक (डायस्टोलिक- diastolic) दबाव कहा जाता है। वयस्कों के लिए सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है। आमतौर पर 140/90 mmHg से अधिक ब्लड प्रेशर को वयस्कों के लिए हाई माना जाता है और 90/60 mmHg को कम माना जाता है। वर्तमान समय में खराब दिनचर्या के कारण लोगो को उहाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना आम बात होती जा रही है। उहाई ब्लड प्रेशर की समस्या कोई आम बात नहीं है, अगर इसे काबू में न रखा जाए तो इसकी वजह से आपको किडनी संबंधित समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। 


हाई ब्लड प्रेशर यानि हाइपरटेंशन होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं? 

अन्य शारीरिक समस्याओं के मुकाबले हाइपरटेंशन की पहचान कर पाना काफी आसान होता है। क्योंकि जब किसी व्यक्ति को हाइपरटेंशन की समस्या होती है तो उसके काफी लक्षण प्रत्यक्ष रूप में दिखाई देते हैं। हाइपरटेंशन होने पर निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं :- 

  • सरदर्द

  • सांस फूलना

  • थकान या भ्रम

  • छाती में दर्द

  • पसीने आना 

  • घबराहट होना 

  • धुंधला नज़र आना

  • उल्टियाँ आना 

  • सांस लेने मे तकलीफ

  • अनियमित दिल की धड़कन

  • अचानक से ज्यादा प्यास लगना 

  • छाती, गर्दन, या कान में तेज दर्द होना 

अगर आप इन लक्षणों को अपने अंदर महसूस कर रहें हैं तो आपको तुरंत ही इस बारे में अपने चिकित्सक से बात करनी चाहिए और हाइपरटेंशन यानि हाई ब्लड प्रेशर का उपचार शुरू करना चाहिए। 


हाइपरटेंशन की समस्या क्यों होती है? 

आमतौर पर सभी लोगों में हाइपरटेंशन यानि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने के पीछे का कारण है खाना। अगर कोई व्यक्ति ज्यादा नमक या ज्यादा तेज मसालेदार खाना लेता है तो उसे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। लेकिन हर उम्र वर्ग में हाई ब्लड प्रेशर होने के कारण या जोखिम कारक अलग हो सकते हैं, यहाँ तक कि महिलाओं में और पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर के कारण भी भिन्न होते हैं। चलिए सबसे पहले जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर के आम कारणों के बारे में जो कि निम्नलिखित है :- 

  • वंशानुगत

  • धूम्रपान करना

  • बढ़ती उम्र 

  • ल्यूपस  रोग

  • ज्यादा नमक या मसालेदार खाना लेना 

  • मोटापा या लगातार वजन बढ़ता

  • ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करना

  • शराब का अधिक करना

  • मानसिक और शारीरिक तनाव

  • रक्त से जुडी कोई अन्य समस्या

  • हृदय से जुड़ी कोई समस्या

  • किडनी से जुड़ी कोई समस्या

  • बाधक निंद्रा अश्वसन (obstructive sleep apnea)

  • अंडरएक्टिव या ओवरएक्टिव थायराइड


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उपरोक्त लिखे यह सभी वह सामान्य कारण या कारक है जिनकी वजह से अक्सर हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। चलिए अब जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर होने के अन्य कारण क्या है? 


महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर के कारण :-

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर होने के कारण पुरुषों से अलग हो सकते हैं  और ऐसा होता है हार्मोनस के कारण। दरअसल, महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ाने वाले तीन मुख्य कारण है जिसमे – गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति, और गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग शामिल है। गर्भावस्था के दौरान, महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या प्रीक्लेम्पसिया (preeclampsia) का संकेत हो सकता है। प्रीक्लेम्पसिया यह एक ऐसी संभावित खतरनाक स्थिति गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे को प्रभावित कर सकती है। प्रीक्लेम्पसिया के दौरान होने वाले ब्लड प्रेशर के लक्षण निम्नलिखित है :- 

  • सिर दर्द

  • दृष्टि परिवर्तन (vision change)

  • पेट में दर्द

  • एडिमा के कारण सूजन

प्रीक्लेम्पसिया की समस्या से बचने के लिए महिला को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के तनाव से दूर रहना चाहिए। 


किशोरों (teens) में हाई ब्लड प्रेशर के कारण :- 

किशोरों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने के कारण अलग होते हैं जो कि निम्नलिखित है :- 

  • मोटापा 

  • जंक फ़ूड ज्यादा लेना 

  • ज्यादा जिम जाना 

  • शारीरिक या मानसिक तनाव

  • टाइप 2 मधुमेह

  • गुर्दे की बीमारी

  • स्नायविक स्थिति (a neurological condition)

  • अंतःस्रावी रोग (endocrine disease) जो हार्मोन को प्रभावित करता है।

  • संवहनी रोग (vascular disease) जो रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है।

इन सभी कारणों के चलते दिखाई देने वाले लक्षण उपरोक्त बताएं गये हैं। 


बच्चों में हाइपरटेंशन की समस्या के कारण :- 

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बच्चों को भी प्रभावित कर सकती है। बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने के कारण निम्नलिखित है :- 

  • मोटापा 

  • मधुमेह 

  • ट्यूमर

  • हृदय की समस्याएं

  • किडनी से संबंधित समस्याएं

  • थायरॉयड समस्याएं

  • एक आनुवंशिक स्थिति, जैसे कुशिंग सिंड्रोम (Cushing's syndrome)

बच्चों में मोटापा और मधुमेह हाई ब्लड प्रेशर का कारण और लक्षण दोनों हो सकते हैं। लेकिन सामान्य तौर पर बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण कम दिखाई देते हैं। वैसे निम्नलिखित लक्षणों से बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को पहचाना जा सकता है :- 

  • सरदर्द

  • थकान

  • धुंधली दृष्टि

  • नकसीर


नवजात शिशुओं और बहुत छोटे बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के कारण :- 

जी हाँ, नवजात शिशुओं और बहुत छोटे बच्चों को भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस बारे में बहुत ही कम लोगो को जानकारी है कि इतनी कम उम्र में भी इंतनी गंभीर समस्या हो सकती है। नवजात शिशुओं और बहुत छोटे बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने का मतलब होता है कि बच्चा गंभीर समस्या से जूझ रहा है, आप निम्नलिखित कारणों से इस बात की गंभीरता को समझ सकते हैं :- 

  • हृदय संबंधित कोई रोग 

  • जन्म से ही किडनी संबंधित समस्या 

  • जन्म से या जन्म के बाद मधुमेह होना

  • अंतःस्रावी रोग (endocrine disease)

नवजात शिशुओं और बहुत छोटे बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर सामान्य से अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं जो कि निम्नलिखित है :- 

  • सुस्ती

  • मिर्गी  (Epilepsy)

  • चिड़चिड़ापन

  • सांस लेने में परेशानी

  • बच्चे का ठीक से विकास न हो पाना

अगर आप अपने बच्चे में उपरोक्त लक्षण महसूस कर रहे हैं तो तुरंत अपने चिकित्सक से इस बारे में बात करें। 


हाई ब्लड प्रेशर की वजह से कौन-कौन सी समस्याएँ हो सकती है? 

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की समस्या से जूझता है तो इसकी वजह से उन्हें कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है जो कि निम्नलिखित है :- 

  • खून के थक्के बनना

  • धमनीविस्फार (aneurysm)

  • मस्तिक्ष आघात (brain stroke)

  • दिल का दौरा और दिल की विफलता

  • उपापचयी सिंड्रोम (metabolic syndrome)

  • मस्तिष्क गतिविधि और स्मृति समस्याएं 

  • आँखों में मोटी, संकरी या फटी हुई रक्त वाहिकाएँ

  • किडनी की विफलता (उच्च रक्तचाप किडनी खराब होने के सबसे बड़े कारणों में शामिल है)


हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से कैसे बचा सकता है? 

जन्म से जुड़ी समस्याओं की वजह से होने वाली हाई ब्लड प्रेशर यानि हाइपरटेंशन की समस्या के अलावा बाकी कारणों के चलते होने वाली हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बड़ी आसानी से बचा जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले आप अपने आहार में उचित परिवर्तन करें जिसके लिए नमक की मात्रा और मासालों की मात्रा को कम करने अलावा डॉक्टर की सलाह से कई बदलाव कर सकते हैं। लक्षणों की पहचान करने के बाद आप अपने चिकित्सक की सलाह से दवाओं की सहायता से भी इस गंभीर समस्या से बड़ी आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। कोशिश करें कि आप घर पर बना खाना ही लें, डिब्बाबंद और जंक फ़ूड से दुरी बना कर रखें, इससे आपको काफी सहायता मिलेगी।

Reference

https://www.medicalnewstoday.com/articles/270644 

https://www.medicalnewstoday.com/articles/150109 



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