घुटने के पीछे दर्द से छुटकारा पाने के लिए व्यायाम

घुटने के पीछे दर्द से छुटकारा पाने के लिए व्यायाम

मानव के शरीर की संरचना ऐसी है कि अगर शरीर का कोई छोटा भाग भी खराब हो तो  परेशानी बढ़ जाती है । लेकिन अगर पीड़ा अधिक हो तो फिर जीना मुहाल हो जाता है । बिल्कुल ऐसा ही एक दर्द घुटनों का भी होता है । 

अक्सर यह दिक्कत बूढ़े-बुज़ुर्गों में देखी जाती थी, परंतु अब यह परेशानी नौजवानों में भी देखी जा रही है । आज भारी संख्या में ऐसे नौजवान हैं जिन्हें घुटनों में दिक्कत है और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें घुटने की पीड़ा से आराम नहीं मिल रहा है ।

घुटनों के पीछे का दर्द क्या होता है ?

घुटनों के पीछे दर्द जिसे हैमस्ट्रिंग भी कहते हैं, आज एक बड़ी समस्या बनी हुई है । घुटने के पीछे का दर्द कईं कारणों से होता है । जब घुटनों की मांसपेशियों में दवाब या खिंचाव आ जाता है, तब यह दर्द शुरु होता है । कभी-कभी टखनों में पानी भर जाता है, जिससे सूजन आ जाती है, तब यह दर्द पैदा हो जाता है । 

क्या है इलाज ?

घुटने के पीछे के दर्द का इलाज दवाईयों में कम और परहेज और शारीरिक अभ्यास में अधिक देखा गया है । दवाईयों के विषय में तो डॉक्टर आपको बेहतर परामर्श दे ही देगा लेकिन कुछ प्राथमिक शारिरीक अभ्यास और योगासन ऐसे हैं जिन्हें करके मांसपेशियों में खिंचाव आता है और रोगी को आराम मिलता है। 

इन आसनों को आप कभी भी कर सकते हैं, क्योंकि यह बहुत आसान और सहज हैं । इतना अवश्य ध्यान रहे कि आरंभ में थोड़ा बहुत खिंचाव देना ठीक रहेगा क्योंकि आरंभ में हर अभ्यास करने की वजह से पीड़ा होती है ।

पादोत्तानासन

यह आसन पैर के भीतर के हिस्से और पीछे की तरफ, रीढ़ और जांघों में खिंचाव लाता है घुटनों पर असर करता है।

कैसे करना है आसन ?

  1. सबसे पहले एकदम सीधे खड़े हों, फिर अपने दोनों पैरों को जितना हो सके फैला लें ।
  2. इस बात का विशेष ख्याल रखें कि आपके पैर बराबर हों । 
  3. अपनी जांघों की मांसपेशियों में खींचाव लाते हुए सांसों को भरें, छाती को तानें और आगे की तरफ झुकाव रखें । 
  4. कमर के ऊपरी भाग को फर्श के बराबर में लाएं। अपने दोनों हाथों को अपने हिप्स पर रख दें और सांस लेते रहें ।
  5.  इसके बाद कमर सीधी रखते हुए सामने की ओर झुकें। अपने हाथों को आगे की ओर करें और फर्श पर इन्हें टिका दें । 
  6. फिर अपने सिर को जमीन में स्पर्श कर दें, इस मुद्रा में 30 सेकेंड तक बने रहें । लगातार सांस लेते रहें और सांस छोड़ते हुए सीधे खड़े हो जाएं ।